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जेसिका मामले में मनु शर्मा की जमानत याचिका खारिज

उच्चतम न्यायालय ने मॉडल जेसिका लाल हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सिद्धार्थ वशिष्ठ उर्फ मनु शर्मा की जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सीके ठक्कर और न्यायमूर्ति डीके जैन की खण्डपीठ ने मनु शर्मा की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 136 तथा अपराध दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 38े तहत सजा पर रोक लगाने का उपयुक्त मामला नहीं है। न्यायालय ने कहा कि मनु शर्मा को प्रारम्भिक तौर पर निदर्ोष भी नहीं माना जा सकता क्योंकि उसे दिल्ली उच्च न्यायालय इस मामले में पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुका है। हमारी राय में शर्मा की सजा पर रोक लगाना वाजिब नहीं है। दोनों न्यायाधीशों ने कहा कि हमने मामले के गुण कि दोष पर कोई राय प्रकट नहीं की है। हम इस न्यायालय द्वारा सुनवाई के लिए पहले ही स्वीकार की जा चुकी मुख्य याचिका के गुण-दोष पर दखलअंदाजी नहीं करने के प्रति सजग हैं। गौरतलब है कि मनु शर्मा को 23 जनवरी 1ो शराब परोसने से मना करने पर मॉडल जेसिका लाल की हत्या करने का दोषी पाया गया था। मॉडल जेसिका लाल बीना रमानी द्वारा संचालित रेस्टोरेंट में काम करती थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने रमानी को इस हत्याकांड का चश्मदीद गवाह माना था। उच्च न्यायालय ने वर्ष 2003 में मनु शर्मा को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को पलट दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने उच्चतम न्यायालय में मनु शर्मा की आेर से पैरवी करते हुए कहा था कि उच्च न्यायालय ने मीडिया के प्रभाव तथा दबाव में काम किया। इसके अलावा उसने निचली अदालत के फैसले को पलटने का फैसला सुनाने के दौरान सबूतों को सही अर्थ में नहीं लिया। दिल्ली के पुलिस आयुक्त वाईएस डडवाल को वारदात के वक्त घटनास्थल पर कुछ अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मौजूद होने की मीडिया रिपोर्टें आने के बाद उस समय दिल्ली से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया था।

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  • Web Title: मनु शर्मा की जमानत याचिका खारिज