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इंटक ने की ए-2 ग्रेड की वकालत

इंटक ने कोयला कामगारों के लिए ए-2 ग्रेड के सृजन की वकालत की है। कोल इंडिया को सौंपे मांग पत्र में इसे भी शामिल किया है। अब तक सर्वोच्च पद ए-1 है। पद सृजित होने से उनकी तनख्वाह उसी अनुपात में कम आंके जाने की संभावना है। एनसीडब्ल्यूए-5 तक कामगारों के लिए सर्वोच्च पद ग्रेड-ए हुआ करता था। तब वेतन समझौते में इस पद की तुलना अफसर के न्यूनतम ग्रेड इ-1 से होती रही। उस वक्त इसके बाद ही अफसर में प्रोमोशन का रास्ता साफ होता था। उसी अनुपात में सभी ग्रेड का वेतन निर्धारित होता था। एनसीडब्ल्यूए-6 में ग्रेड ए-1 का सृजन किया गया। तर्क दिया गया कि काफी कामगार वर्षो से ग्रेड-ए में पड़े हैं। प्रोन्नति नहीं मिलने से उनमें असंतोष है। ए-2 ग्रेड सृजित होने पर वेतन समझौते में उसकी तुलना इ-1 से होने की संभावना है। कामगारों का मानना है कि ऐसी स्थिति में फासला और बढ़ेगा। राष्ट्रीय कोयला मजदूर कांग्रेस के अपर महासचिव केएन सिंह का कहना है कि पूर्व की तरह ग्रेड ए की तुलना इ-1 और ए-1 की तुलना इ-2 से होगी। नया पद बनने पर उसकी तुलना भी उसी क्रम में होगी। शिष्टमंडल डीपी से मिला एनसीओइए का शिष्टमंडल सीसीएल के डीपी टीके चांद से मिला। सदस्यों ने मंथली रटेड स्टाफ को डबल ओटी नहीं देने का मामला उठाया। महासचिव मिहिर चौधरी के अनुसार अगले माह से इसे लागू करने का आश्वासन दिया गया। एकाउंट, पारा मेडिकल एवं टेक्िनकल स्टाफों को प्रोमोशन देने के लिए मैनपावर बजट में प्रावधान करने की बात भी कही। मेडिकल एटेंडेंस रूल-5 में संशोधन की मांग की। प्रबंधन ने इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी। कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। उसके बाद इसमें आगे की कार्रवाई होगी। कमेटी में डीाीएम धुव्र कुमार, डॉ सीएमपी सिंह, मिहिर चौधरी हैं। मैनपावर बजट का एक्सटेंशन सीसीएल प्रबंधन मैनपावर बजट को जून 2008 तक एक्सटेंशन दिलाने का प्रयास कर रहा है। यह मामला कंपनी बोर्ड की बैठक में रखा जायेगा। बैठक इस माह होने की उम्मीद है। बजट में ओवरमैन, माइनिंग सरदार, सव्रेयर सहित कई अन्य पदों पर आठ साल से अधिक समय से कार्यरत कामगारों को प्रोमोशन देने का मुद्दा भी होगा। पिछली बैठक में तकनीकी कारणों से यह प्रस्ताव पेश नहीं हो सका था। ं

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