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केंद्र ने बुद्धदेव सरकार से मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के हिंसा ग्रस्त नंदीग्राम में माकपा कार्यकर्ताओं के कारनामों का कच्चा चिठ्टा भेज कर केंद्रीय रिार्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। केद्रीय गृह सचिव को भेजी अपनी रिपोर्ट में सीआरपी ने साफ कर दिया है कि माकपा की इस गुण्डागर्दी पर काबू नहीं पाया गया तो उसके लिए काम पश्चिम बंगाल में काम करना संभव नहीं होगा। केंद्र को भेजी अपनी रिपोर्ट में बल ने कहा है कि इलाके में सुरक्षा के लिए तैनात सीआरपी जवानों के काम में माकपा कार्यकर्ता न केवल लगातार बाधायें पैदा कर रहे हैं बल्कि इसके अधिकरियों को निशाना बनान के साथ उन्हें परिणाम भुगतने तक की धमकी द रहे हैं। रिपोर्ट में माकपा पर लगाये गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार व सीआरपी से पूरी घटना की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस बीच बल के महानिदेशक वी.के. जोशी ने गृह सचिव मधुकर गुप्ता से मिलकर घटना की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराया है। समझा जाता है कि श्री जोशी ने माकपा के उस आरोप को झूठ करार दिया है जिसमे पार्टी ने रविवार को बल के डीआईजी आलोक राज पर नंदीग्राम के सौनाचूरा गांव में एक महिला से बलात्कार का आरोप लगाया था।ड्ढr सीआरपी ने माकपा सांसद लक्ष्मण सेठ की वह वीडियो क्िलपिंग भी केंद्र को भेजी है जिसमें सेठ को सीआरपी और वहां तैनात उसके डीआईजी आलोक राज को धमकाते हुए दिखाया गया है। सीआरपी के सूत्रों ने बताया कि पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा पर उतारू माकपा कर्याकर्ताओं के कारनामों को पश्चिम बंगाल पुलिस का खुला समर्थन था। वह मूक होकर तमाशबीन बनी रही है। समझा जाता है कि माकपा नेताओं के दबाव में गृह मंत्रालय सीआरपी के उस पत्र को दबाने की कोशिश में सक्रिय हो गया है जिसमें माकपा के अन्य कारनामों का कच्चा चिट्टा भी केंद्र को भेजा है।

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  • Web Title: केंद्र ने बुद्धदेव सरकार से मांगी रिपोर्ट