DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पढ़ाई छोड़ने वाले मजदूरों को प्रशिक्षण ?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग

असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की ओर से मॉडय़ूलर इंपलाइबल स्कील योजना (एमइएस) शुरू की गयी है। इस योजना के तहत बाल मजदूरों-कम उम्र में पढ़ाई छोड़ने वाले, इनफॉरमल सेंटर के मजदूरों को तकनीकी संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जाता है। राज्य में इस योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। श्रम मंत्री भानू प्रताप शाही ने कमेटी के गठन को मंजूरी दी। कमेटी के अध्यक्ष श्रम सचिव होंगे। इसके अलावा निदेशक (नियोजन एवं प्रशिक्षण) सदस्य सचिव, निदेशक विज्ञान-प्रौद्योगिकी या मनोनीत व्यक्ित तथा निदेशक उद्योग विभाग या मनोननीत व्यक्ित कमेटी के सदस्य होंगे। डीजीआइटी-आरडीएटी के मनोनीत सदस्य, बीके टिंडा (टाटा वर्कर्स यूनियन), चंद्रमौली मिश्र महामंत्री टाटा कमिन्स यूनियन, नेचर केयर के प्रतिनिधि, राजदेव यादव (सीओसीआइ), माधव लखोटिया, विमलेंद्र झा और चंद्रशेखर खान (दोनों सीआइआइ के प्रतिनिधि) को कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। कमेटी का कार्यकाल पांच साल का होगा। अकुशल मजदूरों को चिह्नित करना, ट्रेनिंग फीस लागू करना, बजट तैयार करना, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नियमों का पालन करना आदि कमेटी के जिम्मे होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पढ़ाई छोड़ने वाले मजदूरों को प्रशिक्षण ?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग