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चीन में भूकंप, 9 हचाार मररिक्टर स्केल पर 7.8 मापी गयी तीव्रता, भारी तबाही

चीन में सोमवार सुबह आये विनाशकारी भूकंप से कम से कम नौ हाार लोगों के मरने और दस हाार लोगों के घायल होने की खबर है। इसके अलावा 00 स्कूली छात्रों के जिंदा दफन होने की भी आशंका है। मरनेवालों की संख्या अभी और भी बढ़ सकती है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 मापी गयी। इसका केंद्र राजधानी चेंगडू से 80 किमी पश्चिम और उत्तर-पश्चिम क्षेत्र था। भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चेंगडू से 1500 किमी दूर स्थित बीजिंग और शंघाई के अलावा सुदूर कंबोडिया और वियतनाम की राजधानी हनोई तक इसके झटके महसूस किये गये। सेना को सिचुआन प्रांत में राहत कार्यो के लिए भेजा गया है। प्रधानमंत्री जियाबाओ भी पहुंच गये हैं। शिन्हुआ के अनुसार, भूकंप का सबसे ज्यादा असर सवा लाख आबादी वाले वेनचुआन काउंटी पर पड़ा है। चेंगडू से 146 किमी की दूरी पर वेनचुआन में भूकंप से भारी तबाही की आशंका है। फिलहाल सरकार की ओर से नुकसान की स्पष्ट खबर नहीं है, पर सेना भेजने का अर्थ यही लगाया जा रहा है कि तबाही काफी हुई है। भवनों में दरार पड़ गयी, शहरों में टेलीफोन सेवा भी बाधित है। भूकंप के कारण बीजिंग में गगनचुंबी इमारतें हिलने लगीं। (साथ में एजेंसियां) ट्रांसफर के खिलाफ अफसरों में उबालहिन्दुस्तान ब्यूरो रांची जमशेदपुर डीसी और एसडीओ के आनन-फानन में किये गये तबादले से राज्य के अफसर आंदोलित हैं। इनके संगठन कोर्ट जाने तक की बात कह रहे हैं। आइएएस एसोसिएशन रिट याचिका दायर करने का मन बना रहा है, निर्णय मंगलवार को होगा। वहीं, झासा भी इसे प्रताड़ना मानता है। डीसी डॉ नितिन मदन कुलकर्णी के रातोंरात तबादले से आइएएस लॉबी खफा है। अफसर कहते हैं- यह मामला सामान्य तबादला नहीं, रूल ऑफ लॉ को लागू करने की दिशा में असहनीय दखलंदाजी है। इसके खिलाफ एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने सोमवार को शहर के कई नामी वकीलों से सलाह-मशविरा किया। पूछे जाने पर आइएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव और गृह सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा- ‘हां, हमार आंदोलित सदस्य अब रिट याचिका ही प्रमुख विकल्प मान रहे हैं। मंगलवार की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जायेगा।’ बैठक मंगलवार को शाम छह बजे प्रोजेक्ट बिल्डिंग सभागार में होगी। जिसमें संगठन के सचिव आर एस शर्मा भी मौजूद होंगे। वह अभी रांची से बाहर हैं। सरकार से नाराज आइएएस आधिकारी बोकारो डीसी सुनील कुमार की घटना का भी हवाला देते हैं, जिन्हें धनबाद के सांसद ददई दुबे के दबाव में हटाया गया था। अधिकारी इस बार आरपार के मूड में हैं। वह चाहते हैं कि आइपीएस प्रकाश सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के मद्देनजर आइएएस अधिकारियों के लिये भी सरकार नीति तय कर। इधर, डीओपीटी (डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग) ने सरकार के पास अनुशंसा भी भेज रखा है, जिसमें कहा गया है कि फील्ड में नियुक्त संवेदनशील पदों को चिह्न्ति करके उनका कार्यकाल निर्धारित किया जाए। अब, एक बार फिर एसोसिएशन इस पर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है। इधर, जमशेदपुर के एसडीओ रांन चौधरी को प्रताड़ित कर हटाये जाने से उप-समाहर्ता स्तर के के पदाधिकारी भी आक्रोशित हैं। 12 मई को झासा की बैठक में हाईकोर्ट जाने पर सहमति बनी है। बैठक में संघ के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार सिंह, महासचिव यतींद्र प्रसाद, उपाध्यक्ष शत्रुध्न पाठक, संतकुमार वर्मा, संयुक्त सचिव आसिफ एकराम, रांीत सिन्हा, राजेश वर्मा, आरके वर्मा, रामकुमार सिन्हा सहित अन्य पदाधिकारी थे। तो पहली घटना होगी अगर एसोसिएशन कोर्ट जाने पर एकमत हुआ, तो दो विकल्प हैं। पहला यह कि एसोसिएशन खुद रिट पिटीशन दायर कर अथवा किसी कोई आम आदमी इसपर पीआइएल का मामला लेकर कोर्ट जाये। अगर मंगलवार की बैठक में आइएएस एसोसिएशन सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने का निर्णय लेता है तो यह एक ऐतिहासिक घटना होगी। हालांकि, अफसर भी बहुत ठोंक बजाकर ही ऐसा कोई निर्णय लेंगे। कई तकनीकी पेंच से निबटना होगा, जिसमें सबसे पहले सरकार के दावे को खारिा करना होगा कि अधिकारियों के तबादले के पीछे, कारण, महा प्रशासनिक था। सुनील महतो की प्रतिमा नहीं लगाने के लिए हाइकोर्ट में याचिका संवाददाता रांची टाटा स्टील की तरफ से गणेश मैदान को लेकर झामुमो की तरफ से पैदा किये गये विवाद पर 12 मई को हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। टाटा स्टील एवं बालाजी गणपति बिलास ने याचिका दायर कर अंदेशा जाहिर किया है कि मैदान में झामुमो स्व. सुनील महतो की प्रतिमा स्थापित कर देगा। याचिका में निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आग्रह किया गया है। याचिका में कहा गया है कि पिछले 88 वर्षो से टाटा स्टील से परमिशन लेने के बाद इस मैदान में गणेश पूजा होती रही है। 26 अक्तूबर 2007 को झामुमो के लोग सुनील महतो की मूर्ति स्थापित करने के लिए प्लेटफार्म बनाने लगे। इसका विरोध ग्रामीणों ने किया। इस कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गयी। 31 अक्तूबर को टाटा स्टील ने जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद प्रशासन ने उक्त मैदान पर धारा 144 लागू कर दी। 11 जनवरी को स्व सांसद की जयंती मनाने के लिए झामुमो ने उक्त मैदान की मांग प्रशासन से की। प्रशासन ने सशर्त मैदान में कार्यक्रम करने की अनुमति दी। इधर 28 अप्रैल को धारा 144 लागू किये हुए दो माह बीत जाने पर झामुमो ने फिर कार्य शुरू करा दिया। नौ मई को मूर्ति स्थापित कर दी गयी। जिला प्रशासन ने बलपूर्वक मूर्ति को हटाया तो विवाद हो गया। फिर वहां के डीसी, एसडीओ और थाना प्रभारी को सरकार ने हटा दिया। याचिका में कहा गया है कि झामुमो सरकार में शामिल है। इस कारण भविष्य में मूर्ति स्थापित की जा सकती है। ं

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