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सिंगुर : प. बंगाल सरकार व टाटा को नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के सिंगुर में टाटा की नैनो कार इकाई के लिए राय सरकार के जमीन अधिगृहण मामले की वैधता की जांच का मंगलवार को फैसला किया। मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति आरवी रवीन्द्रन और न्यायमूर्ति एमके शर्मा ने कुछ किसानों की याचिका पर राय सरकार, पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम और टाटा कंपनी को नोटिस जारी किए। इन किसानों की उपजाऊ जमीन को राय की वाम मोर्चा सरकार ने टाटा कंपनी की इकाई के लिए एक हजार एकड़ में स्थापित होने वाले विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के लिए जोर जबर्दस्ती से अधिग्रहीत कर लिया था। इन किसानों ने अपनी सरकार के अपनी याचिका के माध्यम से सरकार के सेज संबंधी नियमों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। सेज अधिनियम की धारा दो के मुताबिक सरकार सार्वजनिक हित के लिए जमीन के मालिक की अनुमति के बिना भूमि का अधिग्रहण कर सकती है। याचिकाकर्ताआंे की दलील के अनुसार सेज की स्थापना को सार्वजनिक हित नहीं कहा जा सकता है क्योंक यह पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधि है। इसके अलावा धारा सात के अनुसार जमीन का खरीदार सीधे जमीन के मालिक से भूमि का सौदा करेगा और सेज के लिए उपजाऊ जमीन को नहीं लिया जाएगा। गौरतलब है कि राय सरकार ने अगस्त 2006 में किसानों को उनकी जमीन का अधिग्रहण करने का नोटिस जारी किए थे। इसके खिलाफ किसानों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील दायर की लेकिन इस साल 18 जनवरी को उनकी अपील खारिज हो गई थी।

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