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मार्केट रट पर लेंगे खनिज क्षेत्र की भूमि

झारख्ांड रिहैबिलीटेशन एंड रिसेटेलमेंट पालिसी फॉर मिनरल सेक्टर-2008 में रैयतों और खातेदारों के लिए सरकार ने उचित प्रावधान किये हैं। कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण के लिए सरकार ने पॉलिसी में मुआवजे के भुगतान का प्रावधान किया है। यह मार्केट रट पर दिया जायेगा । साथ ही सभी खातेदारों को असिंचित भूमि के लिए 2500 प्रति एकड़, जबकि सिंचित भूमि के लिए 15 हजार रुपये प्रति एकड़ का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा।ड्ढr इसके अलावा 50 प्रतिशत मुआवजे के रूप में कंपनी का शेयर छह माह के लिए प्रभावित को दिया जायेगा, शेयर मूल्य का न्यूनतम दस प्रतिशत होगा। रैयत को किसी प्रकार का स्टांप शुल्क या टैक्स नहीं देना पड़ेगा। खनिज क्षेत्र से विस्थापितों को बिरसा मुंडा आवास योजना के आवासों के स्तर का भवन उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही परिवहन व्यवस्था के तहत प्रभावित को जिला कमेटी द्वारा निर्धारित कम से कम 12 हजार रुपये दिये जायेंगे। पशुओं के शेड निर्माण के लिए 15 हजार रुपये दिये जायेंगे। यदि दो से अधिक पशु हैं, तो यह राशि 20 हजार हो जायेगी। यदि प्रभावित को 20 दिन की कृषि श्रमिक मजदूरी दी जायेगी। यदि कृषि मजदूर नहीं है, तो उसे लघु उद्योग खोलने के लिए 25 हजार रुपये दिये जायेंगे, जिससे वह शेड का निर्माण कर सके। कम से कम एक सदस्य को नौकरी के लिए उम्र सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जायेगी। प्रभावित परिवार के योग्य युवक को तकनीकी ट्रनिंग दी जायेगी, उससे कम से कम 1500 रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी।

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