DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वेतन आयोग : भाजी खाजा टके सेर

सेना में नर्सिग एक संबद्ध सेवा रही है लेकिन छठे वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशों में महिला नर्सो को सैन्य अधिकारियों के समकक्ष बना दिया है। सिफारिश के मुताबिक अब वे स्टील के वचरुअल रैंक की नहीं बल्कि पूर रैंक की अधिकारी होंगी। इसे लेकर डाक्टरों, सैन्य अधिकारियों और समान तरह का काम करने वाले पुरुष नर्सो में काफी रोष व्याप्त है। सेना के डाक्टरों ने कुछ दिन पहले रक्षा मंत्रालय को एक प्रतिवेदन दे कर अपना रोष व्यक्त किया है। सेना डाक्टरों का कहना है कि जहां एक नर्स 20 वर्ष की आयु में लेफ्टिनेंट का रैंक प्राप्त कर अधिकारी बनेगी, वहां एमबीबीएस पास करने वाला डाक्टर 23 वर्ष की आयु में लेफ्टिनेंट बनेगा। तब तक नर्स तीन इजाफों के साथ उससे आगे निकल जाएगी। सेना में 3500 महिला नर्से हैं और 11 हाार 500 पुरुष नर्स हैं। खतर वाले फील्ड अस्पतालों और युद्ध स्थल के पास जख्मियों की सेवा पुरुष नर्स करते हैं जबकि वेतन आयोग ने गोला बारूद की फायरिंग के बीच काम करने वाले पुरुष नर्सो को तो जवान माना है और उन्हें सिर्फ एक हाार रुपये मिलिट्री सर्विस पे के रूप में देने कीड्ढr सिफारिश है। महिला नर्सो को 4500 हाार रुपये एमएसपी, 3200 रुपये नर्सिग अलाउंस और 500 रुपये यूनिफार्म वाशिंग अलाउंस की सिफारिश की गई है। इस मामले में सेना के अधिकारियों और डाक्टरों को सिर्फ छह हाार रुपये एमएसपी दियाड्ढr जाता है।ंं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: वेतन आयोग : भाजी खाजा टके सेर