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22 करोड़ खर्च करने की चुनौती

पटना की सड़कों पर 26 दिनों में 22 करोड़ रुपए खर्च करने की चुनौती है। सरकार की योजना भगवान ‘विश्वकर्मा ’ की तरह काम करने की है। तांतिया कंस्ट्रक्शन से छीनी गई पांच महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण पूरा करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने 25 दिन तय किये हैं। आपातकालीन टेंडर करके इन पांच सड़कों के लिए ठेकेदार खोजे जा रहे हैं। बिहार के बड़े ठेकेदारों के तांतिया के समर्थन में खड़े हो जाने से पथ निर्माण विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले ठेकेदारों से संपर्क किया जा रहा है।ड्ढr ड्ढr वीरचन्द पटेल पथ (1.22 किमी.), राजेन्द्र पथ (1.83 किमी.), बुद्ध मार्ग (4.42 किमी.), बांकीपुर-दानापुर पथ (5.10 किमी.) और आशियाना-दीघा पथ (4.70 किमी.) का मजबूतीकरण और चौड़ीकरण बरसात के पहले होना पटनावासियों के लिए अत्यन्त ही जरूरी है। तांतिया से काम छीनने के बाद विभाग के लिए भी इन सड़कों को शीघ्र बनाना चैलेंज है। पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार एवं विभागीय प्रधान सचिव यह चैलेंज स्वीकार चुके हैं। तांतिया डेढ़ साल से इन पथों पर निर्माण कार्य चला रही थी। ऐसी स्थिति में विभागीय अधिकारियों की मानें तो अगले 25 दिनों में निर्माण पूरा कर लेना टेढ़ी खीर होगी।ड्ढr ड्ढr पथ निर्माण विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत 1मई को टेक्िनकल बिड खुलना है। उसके बाद काम में रुचि रखने वाले ठेकेदारों की बैंक गारंटी व एनएससी की जांच होगी। जांच में सही पाये जाने पर फाइनांशियल बिड खोला जाएगा। न्यूनतम दर देने वाले ठेकेदार से बात कर इकरारनामा होगा। इन प्रक्रियाओं को पूरी होने के बाद ही सड़क निर्माण शुरू होगा। टेक्िनकल बिड खोलने से लेकर सड़क निर्माण पूरा करने तक की अवधि मात्र 26 दिन हैं। इसी बीच इन तकनीकी प्रक्रियाओं को भी पूरा करना है। कहीं बीच में सूबे में मानसून प्रवेश कर गया तो और मुश्किल। ऐसी परिस्थिति में गुणवत्ता मेंटेन कर सड़क निर्माण पूरा करना सरकार के साथ ही ठेकेदारों के लिए भी चुनौती होगी।

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