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मंत्री कहें ट्वेंटी-20, बाबू खेलें टेस्ट

मंत्री कहें ‘ट्वेन्टी-ट्वेन्टी’ पर बाबू खेल रहे हैं ‘टेस्ट’। मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद विभागों की जिम्मेदारी संभाले मंत्री हर काम अब ट्वेन्टी-ट्वेन्टी की स्टाइल में करने के मूड में हैं। पांच वर्षीय कार्यकाल की आधी दूरी नीतीश सरकार ने तय कर ली है। अब अगले ढाई साल में बचे कामों को जल्दी-जल्दी निपटाकर सूबे को विकास की पटरी पर लाना है। बीच रास्ते में महकमों की कमान संभाले मंत्री अब बचे समय में पूर फार्म में दिखना चाहते हैं। नए ग्रामीण विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा भी हार्ड हिटिंग बल्लेबाज की तरह ताबड़तोड़ स्कोर करने के मूड में हैं। संचिका टेबुल पर आती नहीं है कि तड॥ से दस्तखत मारकर उसे नीचे सरका दिया जा रहा है।ड्ढr ड्ढr नरेगा, इंदिरा आवास सहित दूसरी लंबित योजनाएं कैसे पूरी हों इसकी चिंता उन्हें ठीक वैसे ही सता रही है जैसे ओवर कम है और ‘रन रट’ भाग गया हो। पर, उनका महकमा उनकी रफ्तार से नहीं चल रहा। समय कम होने के बावजूद बाबुओं का ‘टेस्ट मैच’ जैसा निश्चिंत भाव परशानी और टेंशन बढ़ा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाबुओं को ‘फास्ट’ करं। बरसात के पहले मई तक इंदिरा आवास योजना पर लगभग 800 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य है। करीब 500 करोड़ रुपए पिछले वित्तीय वर्ष की शेष राशि है, जबकि वर्ष 2008-0े इंदिरा आवास योजना की पहली किस्त के रूप में केन्द्र ने करीब 221 करोड़ 72 लाख रुपए की मंजूरी दी है। मंत्री बनते ही श्री कुशवाहा ने राज्यांश के रूप में करीब 73 करोड़ 0 लाख रुपए की भी स्वीकृति दे दी। पर, बाबुओं के ‘टेस्ट मैच’ अंदाज से पैसे जिलों को अभी तक नहीं पहुंचे। महकमे की कोशिश है कि बरसात के पहले अधिक से अधिक इंदिरा आवास बन जाए तो गरीबों को राहत मिले। एक बार बारिश शुरू हो गयी तो निर्माण सामग्री की कीमतें भी आसमान छू रही होंगी।

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