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चाणक्य में अपनी भूमिका तलाशी : नरेंद्र

चंद्रगुप्त बन नहीं सकता था तो चाणक्य में अपनी भूमिका तलाशी। पहले रामविलास पासवान पर दांव लगाया लेकिन जब वे नहीं माने तो नीतीश को चाणक्य की भूमिका दी और उसी का परिणाम है आज का सुशासन। ये बातें राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री नरन्द्र सिंह ने मंगलवार को बिहार चैंबर ऑफ कामर्स में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि ऊंची जाति में पैदा होने के कारण मैं चंद्रगुप्त नहीं बन सकता था।ड्ढr ड्ढr श्री सिंह ने राजनीति और राजनीतिज्ञों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज किसी भी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है और यही कारण है कि आज के नेता नेतृत्व देने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज सभी राजनीतिक दल अप्रासांगिक हो गए हैं। नेताओं की ऊरा कुर्सी पर काबिज होने और उसे बनाए रखने में जाया हो रही है। महाराष्ट्र की घटनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने इसके लिए सीधे-सीधे राज ठाकर को दोषी ठहराया। श्री सिंह ने चैंबर के सदस्यों को संबोधित करते हुए इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि राज्य के व्यापारी कालाबाजारी में लिप्त नहीं हैं। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि वे और उनका विभाग अकारण व्यापारियों को परशान नहीं करगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य और जिला स्तर पर उपाभोक्ता अदालतों का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज देश बहुराष्ट्रीय कंपनियों का चरागाह बन गया है और देश में उपभोक्तावादी नीतियों को बढ़ावा देने में इनका बहुत बड़ा रोल है। इससे पहले बैठक की अध्यक्षता करते हुए चैंबर के अध्यक्ष ओ पी साह ने कहा कि महंगाई और मुद्रास्फीति के लिए केन्द्र सरकार की नीतियां जिम्मेवार हैं। उन्होंने खाद्य पदार्थो के सट्टेबाजी पर रोक लगाने की मांग की। बैठक को जुगेश्वर पांडेय, पी के अग्रवाल समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। बैठक के अंत में महासचिव पशुपति नाथ पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।ं

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