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2008 में सुपौल में कई जगह रेल लाइनें ध्वस्त हुईं

2008 में कुसहा तटबंध टूटने के बाद आयी प्रलयंकारी बाढ़ की बर्बादी से आज भी सुपौल जिला उबर नहीं पाया है। सहरसा से फारबिसगंज तक जाने वाली छोटी रेल लाइन पर कोसी ने ललितग्राम व प्रतापगंज के पास ऐसा कहर बरपाया कि रेल विभाग को दरार पाटने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

बाढ़ के कारण पुल नम्बर 52,58 जो पांच स्पैन का था और 59 नम्बर पुल जो एक स्पैन का था पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। वहीं फारबिसगंज से ललित ग्राम के बीच में 18 जगहों पर कोसी ने ऐसा कहर बरपा किया कि पटरी का नामोनिशान मिट गया था। जबकि ललित ग्राम से प्रतापगंज रेलखंड के बीच छह जगहों पर रेल पटरी ध्वस्त हो गयी थी।

कुसहा त्रासदी से ललित ग्राम यार्ड में 4 जगहों पर भारी कटिंग हो गयी थी। जिन्हें पाटने में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। रेल विभाग द्वारा त्रासदी की बाद कटिंग को दुरुस्त कर रेल परिचालन शुरू किया गया था। 19 मार्च 2010 को इस रेलखंड पर परिचालन शुरू किया गया जो 19 जून 2012 तक चला। लेकिन 20 जून 2012 को राघोपुर व फारबिसगंज रेलखंड पर मेगा ब्लॉक ले लिये जाने के कारण रेल परिचालन बंद हो गया। जहां आज तक रेल परिचालन शुरू नहीं हो सका है। 

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