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समय से पहले मानसून की दस्तक

देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जानेवाला मानसून इस साल केरल में समय के पहले यानी, 2मई को आएगा और बंगाल की खाड़ी व उत्तरी अंडमान समुद्र में 12 मई को ही पहुंच गया है। मौसम विभाग और सरकार इस सूचना से गदगद है क्योंकि इससे देश में फसल अच्छी होने की उम्मीद बंध गई है। हालांकि मुंबईकरों को इससे आह्लादित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें गर्मी और उमस से निजात नियत समय पर ही अर्थात् 10 जून के आसपास ही मिल पाएगी। खाद्यान्नों और उससे जुड़े सहायक उत्पादों पर निर्भर भारत की खरबों रुपये की अर्थव्यवस्था के लिए जून-सितम्बर की मानसून वर्षा काफी अहम और जीवनदायिनी होती हैं। ये फसलें जून-ाुलाई में बोई जाती हैं और सितम्बर-अक्टूबर में काटी जाती हैं। इनमें धान, सोयाबीन और मूंगफली प्रमुख हैं। मौसम विभाग की एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस साल का दक्षिणी- पश्चिमी मानसून केरल में समय से चार दिन पहले 2मई को ही पहुंच रहा है। यह बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान समुद्र में भी समय से आठ दिन पहले 12 मई को आ गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने अप्रैल में मानसून के समय पर ही आने की उम्मीद जताई थी और वादा किया था कि इससे एशिया के इस तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में बम्पर उपज से खाद्यान्न के वैश्विक संकट से निजात पाने में बड़ी मदद मिलेगी। सिब्बल ने कहा था किीसदी बारिश दीर्घकालिक अवधि की होगी।ड्ढr इस खबर से हालांकि केरल के धान उत्पादक किसानों का मन-मयूर भले ही नाच उठे, मुंबईकरों को समय से पहले गर्मी से निजात नहीं मिलने वाली। मौसम विभाग के उप महानिदेशक सी.वी. भद्रम ने कहा, ‘इस समय यह आकलन करना संदेहास्पद होगा कि केरल में समय पूर्व मानसून का मतलब मुंबई में भी समय पूर्व मानसून पहुंच जाएगा। इसलिए हमलोग मुंबई में जल्दी बारिश की घोषणा नहीं कर रहे हैं।’

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