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रामेश्वर ने एनोस की तारीफ के पुल बांधे

ेंद्रीय मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि लोकतंत्र कायदे-कानून से चलता है। मंत्रालय को अधिकार है कि वह अपने अधीनस्थ कार्यो के शिलान्यास की वह तिथि तय कर, लेकिन शिलान्यास की तय तिथि के पहले बारात लेकर गांव पहुंचे मंत्री बंधु ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया। शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड की स्थिति नहीं सुधर रही है। स्कूलों में कक्षा है पांच, तो शिक्षक हैं दो। एक खिचड़ी बनवाने में ही व्यस्त रहता है। पढ़ाई क्या होगी? उन्होंने कहा कि वह किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं, परंतु अंधेरे को सुबह कहना भी तो गलती होगी। वे मांडर प्रखंड के बसकी गांव में कोयल नदी पर बननेवाले पुल का ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का द्वारा शिलान्यास करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस पुल का 14 मई को शिक्षा मंत्री ने शिलान्यास कर दिया था।ड्ढr केंद्रीय मंत्री उरांव ने कहा कि मंत्री एनोस एक्का के विभाग का ही कार्य झारखंड में दिख रहा है। सभी मंत्री ऐसा कार्य करं, तो राज्य की दिशा अवश्य बदलेगी। सड़क बनवाने का वादा भी उरांव ने किया।ड्ढr इस अवसर पर एनोस एक्का ने कहा कि गांव का आदमी होने के कारण आवागमन की कठिनाई को वह समझते हैं। यही कारण है कि सांसद उरांव के कहने पर उनके संसदीय क्षेत्र मांडर, चान्हो, बेड़ो और लापुंग प्रखंड में 12 पुल स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि बगैर स्वीकृति के ही पिछली सरकार ने जिन पुलों का शिलान्यास कर दिया था, अब सभी को स्वीकृति दे दी गयी है। 14 मई को जहां एक ही दल के कुछ लोग थे, तो 15 मई के कार्यक्रम में सभी दलों से जुड़े लोग और सैकड़ों ग्रामीण भी थे। दोनों शिलापट्ट आसपास ही हैं। समारोह में देव कुमार धान, प्रभाकर तिर्की, अमूल्य नीरज खलखो, रोहित शाही, राम बालक ठाकुर, लच्छु उरांव, राजेश तिग्गा ने भी विचार रखे। अध्यक्षता रामेश्वर दुबे ने की, जबकि संचालन मकबूल आलम ने। ं

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