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पुलिस ने कील ठोंक कर मार डाला

राघोपुर पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को पीट-पीटकर हत्या करने की घटना अभी शांत भी नहीं हुई थी कि बुधवार की रात भगवानपुर पुलिस ने एक जनप्रतिनिधि को लोहे की कील घोंप-घोंप कर मार डाला। सदर अस्पताल में मृतक के परिानों ने काफी बावेला किया और थाने के चौकीदार को घंटों अपने कब्जे में रखा। परिान और ग्रामीण पुलिस पर हत्या का मुकदमा करने की मांग कर रहे थे। मृतक फेंकन पंडित भगवानपुर थाने के किरतपुर राजाराय पंचायत के शेखोपुर ढरिया गांव का निवासी व वार्ड 13 का वार्ड सदस्य था।ड्ढr ड्ढr मृतक की पतोहु संजु देवी ने बताया कि बुधवार की देर रात पांच-छह पुलिस वाले उसके ससुर को भले-चंगे हालत में घर से पकड़कर ले गए थे। सुबह में जब परिान थाने पर गए तो पुलिस वालों ने उनसे भेंट नहीं होने दिया। दर्द होने तथा इलाज कराने का झांसा देकर परिानों को गुमराह किया गया। बाद में सदर अस्पताल में शव रखे जाने की सूचना दी गई। सदर अस्पताल में पहुंचे स्थानीय विधायक मुन्ना शुक्ला ने वार्ड सदस्य की मौत स्थानीय राजनीति और पुलिसिया जुर्म का नतीजा बताया। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा पहले पिटाई की गई फिर लोहे की कील घोंपकर प्रताड़ित कर उसकी हत्या कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ राहत खाद्यान वितरण की मांग को लेकर वार्ड नंबर 13 के ग्रामीणों ने भगवानपुर मुख्य मार्ग पर पिछली बरसात में धरना-प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम किया था।ड्ढr ड्ढr उस समय बीडीओ विनय कुमार पांडेय द्वारा भगवानपुर थाने में कांड संख्या 07 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। जिसमें फेकन पंडित को भी अभियुक्त बनाया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुलिस द्वारा बार-बार तंग करने और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसा दोहन करने की शिकायत लेकर गांव वाले वार्ड सदस्य के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर डीआईाी से भी मिले थे जिसमें मौके पर पहुंचे कांड के अनुसंधानक जगन्नाथ राय को धारा 307 हटाते हुए गिरफ्तारी नहीं करने का निर्देश दिया गया। इसी बीच बुधवार की रात पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले आयी। मृतक के शरीर के विभिन्न हिस्सों से खून निकल रहा था। गांव के चौकीदार गोविंद पासवान ने बताया कि गिरफ्तारी के समय वार्ड सदस्य स्वस्थ थे। रास्ते में मालिक राय के होटल पर जाने की इच्छा जाहिर की। वहां पेट में दर्द की शिकायत होने पर पुलिस जीप से भगवानपुर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण गोरौल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से सदर अस्पताल भेज दिया गया। इधर सदर अस्पताल में पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना की सत्यता का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।

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