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सहकारिता आंदोलन का चौकीदार अंकेक्षण पदाधिकारी

सहकारिता आंदोलन का चौकीदार होता है अंकेक्षण पदाधिकारी। अगर विभाग में अंकेक्षण न हो तो कौन बताएगा कि विभाग में क्या हो रहा है। अंकेक्षण पदाधिकारी ही बता सकते हैं कि कहां-कहां गड़बड़ी हुई है। सहकारिता तभी आगे आएगा जब अंकेक्षण पदाधिकारियों द्वारा किए गए कार्यो में पारदर्शिता होगी। ये बातें सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को बिहार राज्य सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारी संघ के राज्यस्तरीय सम्मेलन में कहीं। श्री सिंह ने संघ से निवेदन किया कि आप अपने कार्य को समय पर करं। आपकी जो भी समस्या है उसे पूरा करने के लिए सरकार पूरी कोशिश करगी। इसके पूर्व मंत्री ने स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्य नारायण प्रसाद ने की।ड्ढr ड्ढr इस मौके पर भाजपा के प्रदेश सचिव प्रो. सूर्यनंदन मेहता ने कहा कि सहकारिता रीढ़ अंकेक्षण कर्मचारी एवं पदाधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से सहकारिता की स्थिति जर्जर हो गई थी लेकिन जब से नई सरकार बनी है सहकारिता में सुधार हो रहा है। उन्होंने संघ की ओर से सरकार से मांग कि अंकेक्षण पदाधिकारियों की लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करं, क्योंकि इन्हीं के सहार सहकारिता का विकास हो सकता है। सहकारिता विभाग के सचिव रविकांत ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश रहेगी कि अंकक्षण का काम चार्टर्ड एकाउंटेंट के बजाए अंकेक्षण पदाधिकारियों से ही कराया जाए। उन्होंने संघ के पदधारकों को आश्वासन दिया कि संघ की ओर से जो भी मांगें रखी गईं हैं उन पर सभी पर विचार किया जाएगा और जायज मांगों को हरसंभव पूरा किया जाएगा। इस मौके पर नरसिंह उपाध्याय, को-ऑपरटिव फेडरशन के अध्यक्ष पंचानंन शर्मा एवं रामप्रवेश सिंह सहित कई विभागीय अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।ं

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