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मरीजों को अबतक नहीं हुई दवा की आपूर्ति

देश के पहले हीमोफीलिया अस्पताल, न्यू गार्डिनर रोड, पटना में अभी तक मरीजों के लिए दवा की आपूर्ति नहीं की गयी। सरकार के आदेश के बावजूद सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में हीमोफीलिया की दवा का क्रय नहीं हुआ। इधर पीएमसीएच में भी दवा की नियमित आपूर्ति नहीं है।ड्ढr ड्ढr पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने हीमोफीलिया मरीजों को राहत देने के लिए मुफ्त दवाओं की सूची में हीमोफीलिया की दवा को शामिल कर लिया था। विभाग द्वारा दिसम्बर में सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को निर्देश दिया जा चुका है। इधर पीएमसीएच की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। यहां पर भी नियमित दवाएं उपलब्ध नहीं रहती हैं।ड्ढr हीमोफीलिया के मरीजों को होनेवाले आंतरिक और बाह्य रक्तस्रव को रोकने के लिए फैक्टर-8 और फैक्टर-ा दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है।ड्ढr ड्ढr पीएमसीएच में सिर्फ फैक्टर-8 ही दिया जाता है। वह भी मरीज की आवश्यकता के अनुसार नहीं। हीमोफीलिया सोसायटी के महासचिव शैलेन्द्र कुमार की माने तो हीमोफीलिया मरीजों की जान हमेशा खतर में है। पीएमसीएच को छोड़कर इसकी दवा किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नहीं दी जा रही है। न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल स्थित हीमोफीलिया अस्पताल में अभी तक आउटडोर मरीजों के लिए दवा नहीं दी गयी। पीएमसीएच की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। राज्य के एकलौते दवा उपलब्ध करानेवाले अस्पताल में भी नियमित रूप से दवा उपलब्ध नहीं रहती। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया के एक मरीज को चिकित्सक द्वारा दो हजार यूनिट फैक्टर-8 देने का परामर्श दिया गया था जबकि पीएमसीएच द्वारा उस मरीज को सिर्फ 600 यूनिट ही फैक्टर-8 दिया गया। उन्होंने कहा कि अभी तक मरीजों को फैक्टर-नहीं दिया जाता है। मरीजों के साथ होनेवाली किसी भी दुर्घटना के बाद जान बचाने के लिए फैक्टर ही एकमात्र उपाय है। यह दवा इतनी महंगी है कि आम मरीजों के वश में नहीं है।

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