अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अतिथि बोझा भव:!

हे अतिथि! आप अब हमार प्रदेश में कब आओगे। अब तक चार मेहमानों को हम पूर राजकीय अपमान के साथ भगा चुके हैं। क्या आपको नहीं पता कि अतिथियों को भगवान मानने की बातें अब पुरानी हो चुकी हैं। हम विकासशील प्रदेश के लोग हैं। हमार यहां आजकल विकास की आंधी चल रही है। सरकार, अफसर, पुलिस, रंगदार सब विकास में व्यस्त हैं। किसी के पास एक- दूसर का ही सम्मान करने की फुर्सत नहीं है तो आपका कौन करगा। बुरा मत मानिएगाड्ढr वैसे अतिथियों के लिए हमार दिल में बहुत सम्मान है। उत्कृष्ट मेजबानी की हमारी पुरानी परंपरा रही है। हमार यहां अक्सर अतिथि आते रहते हैं। वो बात अलग है कि एक बार आने के बाद दोबारा कोई नहीं आता। किसी जमाने में एक चीनी अतिथि हमार यहां आया था। ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हैं कि अटैची लेकर आया वह अतिथि मात्र पैजामा लेकर वापस लौटा।ड्ढr ड्ढr आप शिकायत करते हैं कि हवाई अड्डे पर आपकी अगवानी के लिए कोई नहीं पहुंचा। ये शुक्र क्यों नहीं मनाते कि अटैची सलामत रही। ये तो अच्छा हुआ कि आप हवाई जहाज से आए और उसी से लौट गए। अगर ट्रेन से आते तो अटैची गायब हो चुकी होती। सड़क मार्ग से आते.. बल्कि यूं कहा जाए कि गड्ढा मार्ग से आते तो अटैची के साथ पर्स भी तिड़ी हो जाता। ऐसा इसलिए कि हमार यहां अपराधी तक अतिथियों का बहुत सम्मान करते हैं।ड्ढr सुना है कि आप इतना नाराज हो गए थे कि आपने नाश्ता- भोजन तो दूर सरकारी पानी तक नहीं पिया। बाजार से मंगाकर बोतल वाला पिया। अच्छा किया। आपको नहीं पता कि हमार यहां नल में आने वाले सरकारी पानी में ऐसे- ऐसे विचित्र कीड़े निकलते हैं, जिनका उल्लेख जंतु शास्त्र में भी नहीं मिलता। इन पर वेटेनरी कालेज में रिसर्च चल रही है। रही भोजन की बात तो हम जानते हैं कि आप कोई भूखे- नंगे घर के तो होंगे नहीं कि जहां पंडाल लगा देखा.. घुस गए। हवाई जहाज में ही इतना मिल जाता है कि पेट भर सकता है। हमारी इच्छा है कि आप एक बार फिर आओ ताकि जो कसर रह गई है, उसे पूरा किया जा सके।ड्ढr पुनश्च - लौटते ई- मेल से लिखिएगा कि कब आ रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बाउंसर