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महंगाई बेलगाम

संप्रग सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद महंगाई का बढ़ना जारी है। कॉफी, मक्का, फल एवं सब्जियों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से बीते तीन मई को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति 7.83 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे पिछले सप्ताह यह 7.61 प्रतिशत पर थी। पिछले करीब साढ़े तीन साल (44 महीने) के बाद महंगाई का यह सबसे ऊंचा आंकड़ा है। एक साल पहले इसी सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर 5.74 प्रतिशत पर थी। इससे पहले 11 सितंबर 2004 को समाप्त हुए सप्ताह में मुद्रास्फीति की दर 7.87 फीसदी दर्ज की गई थी। बढ़ती महंगाई को थामने के लिए पिछले तीन महीने से सरकार लगातार प्रयासरत है। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पहले ही कह चुके हैं कि महंगाई पर अंकुश लगाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।ड्ढr ड्ढr सरकार ने इस्पात और सीमेंट उत्पादकों के साथ बैठक कर उन्हें दाम घटाने के लिए तैयार किया है। इस्पात उत्पादक दाम घटाने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। चिदंबरम का मानना है कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के परिणामस्वरूप जल्द ही महंगाई का बढ़ना रुकेगा और गिरावट का रुख बनेगा। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि आर्थिक वृद्धि को बरकरार रखते हुए महंगाई पर अंकुश रखना जरूरी है। महंगाई की दर ऊंची रहने से मध्यम अवधि में विकास प्रक्रिया बाधित हो सकती है। बहरहाल, पिछले तीन, चार सप्ताह से मुद्रास्फीति की दर में लगातार वृद्धि जारी है।ड्ढr ड्ढr विशेषज्ञों का भी मानना है कि आने वाले सप्ताह में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण लगाना फिलहाल काफी कठिन है।क्योंकि रुपये के मूल्य में गिरावट आ रही है और कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के प्रधान अर्थशास्त्री डी.के. जोशी के मुताबिक आने वाले तीन चार सप्ताह में भी महंगाई दर सात प्रतिशत के ऊपर बनी रहेगी। मुद्रास्फीति पर नजदीकी से नजर रखने वाले विशेषज्ञों का तो यहां तक मानना है कि यह 8 प्रतिशत से भी ऊपर जा सकती है।ड्ढr आलोच्य सप्ताह में सभी वस्तुओं का आधिकारिक थोक मूल्य सूचकांक 0.4 प्रतिशत बढ़कर 228.6 अंक हो गया। इससे पिछले सप्ताह यह 227.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था। प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक भी 0.3 प्रतिशत बढ़कर 23अंक, खाद्य वस्तुओं का समूह सूचकांक 0.5 प्रतिशत बढ़कर 231.5 अंक तक पहुंच गया। इस समूह में कॉफी के दाम छह प्रतिशत, मक्का चार प्रतिशत, फल एवं सब्जियों के दाम तीन प्रतिशत तथा मसाले, मसूर और ज्वार का दाम एक प्रतिशत बढ़ गया। ईंधन, बिजली, प्रकाश और लुब्रिकेंट्स का समूह सूचकांक तीन मई को 0.8 प्रतिशत बढ़कर 345.4 अंक हो गया। इससे पिछले सप्ताह यह 342.5 अंक पर था। लिग्नाइट, नेफ्था, फर्नेस तेल, बिटुमेन और हल्के डीजल तेल के थोक मूल्य दो से लेकर 16 प्रतिशत तक बढ़ने से सूचकांक में वृद्धि दर्ज की गई। विनिर्माण क्षेत्र के उत्पाद समूह का सूचकांक भी 0.3 प्रतिशत बढ़कर 1अंक हो गया। इसमें खाद्य उत्पाद समूह 0.7 प्रतिशत बढ़कर 204.3 अंक पर आ गया। खांडसारी, तेल खली, नारियल तेल और आटा के दाम दो से 11 प्रतिशत तक बढ़ गए। हालांकि इस वर्ग में गुड, चावल छिल्का, रेपसीड तेल और रवा सूजी के दाम एक से चार प्रतिशत के बीच घटे भी हैं।

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  • Web Title: महंगाई बेलगाम