अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कोटा के बहाने जदयू बागी एक मंच पर

क्रीमी लेयर के बहाने जदयू के विक्षुब्ध विधायक फिर एक मंच पर आए। विधायकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के नेतृत्व में ओबीसी के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के लिए आंदोलन का एलान। साथ ही उन्होंने यह दिखाने की भी कोशिश की कि पार्टी में असंतोष अब भी कायम है। विधायकों की यह गोलबंदी डा. रणु कुमारी कुशवाहा के आवास पर हुई। वह विधानसभा में पार्टी की उप नेता भी हैं।ड्ढr ड्ढr डॉ. कुशवाहा ने संवाददाताओं से कहा है कि पार्टी के अधिसंख्य विधायक खुश नहीं हैं। उन्होंने खुद को ‘विक्षुब्ध’ नहीं, क्षुब्ध बताया। पार्टी के अनेक विधायक भी यही मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र खत्म हो चुका है और विधायकों की बात भी सुनी नहीं जा रही। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को हाशिए पर भेज दिया गया है। वे 14 वर्षो से पार्टी में हैं। संघर्ष के दिनों में भी दिन-रात एक कर समर्पित कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए काम किया। उन्हें क्या हासिल हुआ? उन्हें जो मिलना चाहिए था वह कहां मिला? आम कार्यकर्ता भी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।ड्ढr पूर्व मंत्री डॉ. मोनाजिर हसन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सम्मान नहीं मिलेगा तो फिर क्या रह जाता है? विधायक मुन्ना शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिसिया तांडव काफी बढ़ गया है और उनके क्षेत्र वैशाली में अघोषित इमरजेंसी लगा हुआ है। ढेलवा, राघोपुर, भगवानपुर और जडुआ कांड इसकी पुष्टि करता है। पूर्व मंत्री विश्वमोहन कुमार, अजीत कुमार और विधायक जयकुमार सिंह ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए वे आवाज उठाते रहेंगे। विधायकों ने आरक्षण में क्रीमीलेयर को लेकर अपनी नाराजगी प्रगट की और इसके खिलाफ आंदोलन चलाने की घोषणा भी की।ड्ढr विधायकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरक्षण के सवाल पर उनका आंदोलन राष्ट्रव्यापी है, लिहाजा इसमें प्रदेश नेतृत्व से बात करने या सहमति का सवाल ही पैदा नहीं होता। बैठक में मणीन्द्र मंडल और डा.आर.आर.कनौजिया भी शरीक हुए।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कोटा के बहाने जदयू बागी एक मंच पर