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‘102’ डायल सेवा ठप पड़ी

निजी एम्बुलेंस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण शुक्रवार को ‘डायल 102’ एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह से ठप पड़ गयी। मरीजों द्वारा एम्बुलेंस की मांग करने पर डायल 102 सेवा ने हाथ खड़े कर दिए। राजधानी में इसके तहत 22 निजी एम्बुलेंस पंजीकृत हैं। इधर अपनी मांगों के समर्थन में बिहार प्रदेश एम्बुलेंस सेवा संघ ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखते हुए रडक्रॉस भवन के समक्ष प्रदर्शन किया। संघ द्वारा बाहर से मरीज लेकर आनेवाले एम्बुलेंसों को भी राजधानी में रोककर रखा गया।ड्ढr ड्ढr शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे एम्बुलेंस संचालकों ने सेवाएं ठप कर दी। इसका मरीजों को अस्पताल लाने-लेजाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को सभी एम्बुलेंसों के साथ पटना के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही उस दिन एम्बुलेंसों की रैली निकाली जाएगी। मांगों की पूर्ति होने तक पूर हड़ताल जारी रहेगी। शनिवार को सुबह से पुन: रडक्रॉस के पास सभी एम्बुलेंस लगाकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल में राजधानी के सभी 288 एम्बुलेंस शामिल हैं। संघ की मांग है कि एम्बुलेंस चलाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा रोड परमिट, पुल और पार्किंग टैक्स माफ किया जाए। दूसर राज्यों में ऐसी व्यवस्था है। परमिट के नाम पर अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगायी जाए। उन्होंने कहा कि मरीज की सेवा में लगी गाड़ियों से पुल, स्टेशन और हवाई अड्डा पर शुल्क वसूला जाना आश्चर्य का विषय है। एम्बुलेंस के लिए शहर में स्टैंड की व्यवस्था की जाए। साथ ही इसे अनिवार्य सेवा में शामिल किया जाए। इन मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री, परिवहन आयुक्त, जिलाधिकारी और राज्य स्वास्थ्य समिति को दे दिया गया। निजी एम्बुलेंस संचालकों के हड़ताल पर जाने से पूरी सेवा ही चरमरा गयी है। इधर मरीजों को अस्पताल और नर्सिग होम ले जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।ं

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