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निगम प्रशासन पर भड़के मेयर

आखिरकार मेयर संजय कुमार के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। पिछले डेढ़ महीने से परशानी झेल रहे मेयर ने निगम के पदाधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अतिपिछड़ों और महिलाओं को सम्मान देना अधिकारी नहीं पचा पा रहे हैं। अतिपिछड़ों और महिलाओं को अधिकारियों की मनमानी झेलनी पड़ रही है। निगम कार्यालय में ब्यूरोक्रैट पूरी तरह से हावी हैं। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।ड्ढr ड्ढr मेयर ने कहा कि पिछले डेढ़ माह से मरम्मत के नाम पर विभागीय गाड़ी गैरेज की शोभा बढ़ा रही है। जबकि अधिकारियों की गाड़ियों की मरम्मत तुरंत हो जाती है। विभागीय गाड़ी के बदले उन्हें जो वाहन उपलब्ध कराया गया है। वह चलने की स्थिति में नहीं है। ठेल कर स्टार्ट करना पड़ता है और कहीं भी बंद हो जाती है। इस संबंध में उन्होंने कई बार लिखित शिकायत की लेकिन अधिकारी एक-दूसर की जिम्मदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं। विघटित पीआरडीए के अधिकारी नगर निगम के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। वाहन उपलब्ध नहीं रहने के कारण मेयर शुक्रवार को रिक्शा द्वारा निगम कार्यालय से अपने आवास वापस गये।

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