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कोर्ट के आदेश से प्रभावित होगी विस में प्रोन्नति

विधानसभा में यदि किसी को प्रोमोशन दिया जाता है, तो वह कोर्ट के अंतिम आदेश से प्रभावित होगा। हाइकोर्ट ने सिलवेस्टर टोप्पो और अन्य द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।ड्ढr याचिका में कहा गया है कि विधानसभा में प्रोमोशन में एससी और एसटी कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जबकि सामान्य वर्ग के पदाधिकारियों को दो-ढाई वर्ष में दो से तीन प्रोमोशन दिया गया है। इससे अवर सचिव से संयुक्त सचिव और उप सचिव से विशेष सचिव के पद पर प्रोमोशन मिला है, लेकिन प्रार्थियों को इसके लाभ से वंचित रखा गया है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2004 में भी विधानसभा में नियुक्ित और प्रोमोशन में आरक्षण देने के लिए अभ्यावेदन दिया गया था, लेकिन इसे खारिा कर दिया गया था। बाद में यह मामला हाइकोर्ट गया था। कोर्ट ने विधानसभा के सचिव के इस शपथपत्र के आलोक में मामला निष्पादित कर दिया, जिसमें कहा गया था कि झारखंड विधानसभा की सेवाओं में आरक्षण नियम लागू कर दिया गया है।ड्ढr बावजूद इसके प्रोमोशन में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है। प्रार्थी की ओर से वकील अंजनी कुमार वर्मा ने बहस की।

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