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ढाई लाख बाहरी को मिला स्थायी निवास प्रमाण पत्र

झारखंड से बाहर के करीब ढाई लाख लोगों के पास राज्य का स्थायी निवास प्रमाण पत्र है। विभिन्न जिलों के डीसी और सीओ के दस्तखत सेये प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं। ऐसे ही एक प्रमाण पत्र के आधार पर जब भागलपुर के एक युवक ने नौकरी का दावा किया, तो अधिकारियों के सामने परशानी बढ़ गयी।ड्ढr भागलपुर के बाथ गांव निवासी कैलाश प्रसाद यादव ने जैप-7 में भरती के लिए आवेदन जमा किया था। उसने खुद को भागलपुर का निवासी बताया, लेकिन स्थायी निवास प्रमाण पत्र देवघर के मनोहरपुर का जमा किया। वहां के सीओ ने पहले उसे स्थायी निवास प्रमाण पत्र दिया। बाद में एक और प्रमाण पत्र जारी किया, जिसमें 26 वर्ष से अधिक समय से रहने की पुष्टि की गयी है। साथ ही जाति प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया।ड्ढr कैलाश ने इन्हीं प्रमाण पत्रों के आधार पर आरक्षण के लाभ का दावा झारखंड में ठोंका। जब उसका आवेदन खारिज कर दिया गया, तो वह अदालत चला गया। अदालत से आदेश हुआ है कि सरकार नियम के मुताबिक कार्रवाई कर।ड्ढr जैप के पूर्व समादेष्टा एमएम ओझा का कहना है कि देवघर के डीसी से लगातार पत्राचार किया गया था, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। एक जवाब आया, जिसमें लिखा हुआ था कि मूल प्रमाण पत्र की कॉपी दीमक खा गयी है। अब नये सिर से इस मामले के जांच के आदेश दिये गये हैं।

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