DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जडेजा और भुवी ने किया भारत का पलड़ा भारी

जडेजा और भुवी ने किया भारत का पलड़ा भारी

रविंद्र जडेजा की उम्दा बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड को 319 रन का लक्ष्य देने के बाद भारत ने उसके चार विकेट 105 रन पर निकाल दिए जिससे दूसरा क्रिकेट टेस्ट रोमांचक अंत की ओर बढ़ गया है जिसमें मेजबान को पांचवें और आखिरी दिन 214 रन बनाने हैं और उसके छह विकेट शेष है।

चौथे दिन आज पलड़ा दोनों टीमों की ओर बारी बारी से झुकता रहा। टूटती पिच पर इंग्लैंड ने चार विकेट पर 105 रन बना लिए हैं। भारत अगर यह मैच जीत जाता है तो क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर उसकी यह 28 साल बाद जीत होगी। आखिरी बार भारत ने यहां 1986 में टेस्ट जीता था। वहीं इंग्लैंड अगर इस लक्ष्य का पीछा करने में कामयाब रहता है तो लक्ष्य का पीछा करते हुए यह उसकी दूसरी सबसे बड़ी जीत होगी। इससे पहले 1928-29 में उसने एमसीजी पर एशेज टेस्ट में 332 रन के लक्ष्य को हासिल किया था।
 
लार्ड्स पर भी यह दूसरी सबसे बड़ी जीत होगी। इससे पहले 1984 में वेस्टइंडीज ने 344 रन के लक्ष्य का पीछा करके मेजबान को हराया था। इंग्लैंड ने तीन विकेट 14 गेंद और दो रन के भीतर गंवा दिए। एक विकेट पर 70 रन से उसका स्कोर चार विकेट पर 72 रन हो गया।
 
ईशांत शर्मा ने 10 ओवर में 13 रन देकर दो विकेट चटकाए। उन्होंने इयान बेल (1) को इनकटर पर आउट किया जबकि कप्तान एलेस्टेयर कुक (22) ऑफ स्टम्प से बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ाकर विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धौनी को कैच दे बैठे। मोहम्मद शमी ने पहली पारी के शतकवीर गैरी बैलेंस को 27 के स्कोर पर पवेलियन भेजा। चौथे दिन का खेल समाप्त होने पर जो रूट 14 और मोईन अली 15 रन बनाकर क्रीज पर थे।
 
वहीं, अच्छी बल्लेबाजी के बाद हरफनमौला जडेजा ने सैम राबसन को जल्दी आउट करके भारत की उम्मीदें जगाई। बाएं हाथ के स्पिनर जडेजा ने सातवें ओवर की पहली गेंद पर राबसन (7) को पगबाधा आउट किया। इससे पहले जडेजा (68) और भुवनेश्वर कुमार (52) के बीच आठवें विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की मदद से भारत ने दूसरी पारी में 342 रन बनाए जिससे इंग्लैंड को 319 रन का लक्ष्य मिला।

मध्यम तेज गेंदबाज बेन स्टोक्स और लियाम प्लंकेट ने तीन तीन विकेट लिए जबकि ऑफ स्पिनर मोईन अली को दो विकेट मिले। जडेजा और कुमार ने काफी तेजी से रन बनाए। दोनों ने लंच के बाद पहले दस ओवर में 66 रन जोड़े। जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में पहला अर्धशतक 92वें ओवर में पूरा किया। उसने सिर्फ 42 गेंदों में सात चौकों की मदद से 50 रन पूरे किए। अगले ओवर में भारत ने 300 रन का आंकड़ा पार किया।

दोनों ने छह रन प्रति ओवर की दर से रन जोड़े। उन्हें रोकने की इंग्लैंड के गेंदबाजों की तमाम रणनीतियां नाकाम रही। जडेजा को 66 के स्कोर पर स्टोक्स की गेंद पर मिडविकेट में इयान बेल ने जीवनदान दिया।
 
वह हालांकि इसका फायदा नहीं उठा सके और स्कोर में दो रन जोड़कर विकेट गंवा बैठे। दो ओवर बाद इसी गेंदबाज की गेंद पर कुक ने पहली स्लिप से दौड़ते हुए उनका कैच लपका। उन्होंने 57 गेंद में नौ चौकों की मदद से 68 रन बनाए। मोहम्मद शमी (0) और ईशांत शर्मा (नाबाद 0) लंबे समय तक नहीं टिक सके लेकिन उन्होंने कुमार को सीरीज में तीसरा अर्धशतक पूरा करने में मदद की। कुमार ने 65 गेंद में आठ चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा किया। वह आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज थे।
 
सुबह भारत ने 145 रन की बढ़त से आगे खेलना शुरू किया। मुरली विजय और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (86 गेंद में 19 रन) ने पहले ही ओवर में 50 रन की साझेदारी पूरी कर ली। दोनों भारत को 75वें ओवर में 200 रन के पार ले गए। इसके बाद प्लंकेट ने दूसरी स्लिप में धौनी को लपकवाया।
 
भारतीय टीम प्रबंधन ने जडेजा से पहले स्टुअर्ट बिन्नी (0) को भेजा लेकिन यह प्रयोग विफल रहा। अली ने उन्हे मिडऑफ पर कुक के हाथों लपकवाया। भारत ने आखिरी दो विकेट 11 गेंद और एक रन के भीतर गंवा दिए। विजय 83वें ओवर में विकेट के पीछे कैच देकर लौटे। उस समय भारत की बढत 211 रन की थी। विजय ने 247 गेंद में 11 चौकों की मदद से 95 रन बनाए।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जडेजा और भुवी ने किया भारत का पलड़ा भारी