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आतंक से लड़ने को संघीय एजेंसी जरूरी: पीएम

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एक संघीय अपराध एजेंसी के गठन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था संबंधी अपनी शक्ितयों में कटौती के लिए राज्य तैयार नहीं हैं, इसीलिए संघीय एजेंसी का प्रस्ताव अभी तक मूर्त रूप नहीं ले सका है। शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकी घटनाओं को राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। कांग्रस और भाजपा को अपना ध्यान इस ओर लगाना चाहिए कि इस समस्या से निबटा कैसे जाए। जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले में उन्होंने खुफिया एजेंसियों पर दोषारोपण करने से इन्कार किया।ड्ढr ड्ढr उनका कहना था, ‘आतंकवादी हमें चकमा दे सकते हैं और यह हकीकत है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद और कई सफेदपोश अपराध एक राज्य तक सीमित नहीं हैं। उनका जाल अंतरराज्यीय है। इसलिए फेडरल क्राइम एजेंसी का गठन समय की जरूरत है। डॉ. सिंह ने दोहराया कि भारत-अमेरिका एटमी करार भारत के हित में है। उन्होंने कहा कि इससे देश के सामरिक कार्यक्रम पर आँच नहीं आएगी। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि वामदलों में सद्भाव जागेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले कुछ हफ्तों में महँगाई काबू में आ जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मई और सितम्बर के बीच हमेशा महँगाई बढ़ जाती है। भूटान की दो दिन की यात्रा के बाद स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री कुछ समय के लिए बागडोगरा में रुके थे। इससे पूर्व भूटान की संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही भूटान के साथ रेल संपर्क जोड़ने के लिए पटरियां बिछाने का काम शुरू करेगा। पश्चिम बंगाल के हाशिमारा से भूटान के फुत्सोलिंग तक रेलमार्ग का निर्माण किया जाएगा, जिसे स्वर्ण जयंती रेलमार्ग का नाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत एवं भूटान दो विशाल जलविद्युत परियोजनाएं पुनत्सांगछू (द्वितीय) तथा मांग्देछू का निर्माण करेंगे।

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