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आरोपोंसे जगदा, शकुनी व अजित चकित

इन्हें तो जानते तक नहीं: जगदानन्दड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। क्या पूछा आपने? रामानन्द सिंह ने मुझ पर साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। कौन है यह आदमी? हम तो जानते तक नहीं। निर्वतमान परिवहन मंत्री के आरोपों से राजद नेता और पूर्व मंत्री जगदानन्द चकित हैं। बकौल श्री सिंह ‘लगता है आपने कोई और नाम सुना होगा। इस आदमी से मेरा दूर-दूर तक वास्ता नहीं। जैसा कि आप बता रहे हैं कि वे खगड़िया के हैं लेकिन मैं कहीं और का रहने वाला हूं। भला मेरी उनसे कैसी दुश्मनी।’ उन्होंने कहा कि सबको मालूम है विद्युत बोर्ड और थर्मल स्टेशन में मंत्री का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। फिर मुझ पर निशाना क्यों? हो सकता है कि वे गलत तरीके से फंसे हों लेकिन ढाई साल से एनडीए की सरकार है। क्यों नहीं बचा लिया। उन्होंने कोई गड़बड़ी की होगी तभी तो विजिलेंस ने चार्जशीट की।ड्ढr ड्ढr पता नहीं क्यों ओछी बात कर रहे : अजितड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। खुद को कटघर में खड़ा किये जाने से भौचक जदयू विधायक और पूर्व परिवहन राज्यमंत्री अजित कुमार ने कहा कि रामानन्द बाबू तो मेर बड़े भाई हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। पता नहीं क्यों वे इतनी ओछी बात कर रहे हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में मामला चल रहा है। उसके लिए भला मैं कैसे जिम्मेदार हो गया। और सबसे बड़ी बात यह कि वे मेर दल के ही नेता हैं। भला उन्हें हटवाकर मुझे क्या लाभ होगा?ड्ढr श्री कुमार ने कहा कि मामला 10 का है। उस समय के मामले के लिए हम कैसे दोषी हो गये। मुझे तो इसके बार में कोई जानकारी भी नहीं है। सच पूछिए तो मुझे ‘हिन्दुस्तान’ में खबर पढ़ने के बाद ही इस मामले के बार में पता चला है। उनके आरोप से मुझे बहुत चोट पहुंची है।ड्ढr ड्ढr भ्रष्ट थे तभी विजिलेंस की जांच में फंसे : शकुनीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद नेता और पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी ने रामानन्द सिंह के आरोपों को बेवजह का विलाप करार दिया है।उन्होंने कहा कि हमें तो इस मामले में कुछ भी नहीं पता था। पर इतना तो तय है कि रामानन्द सिंह भ्रष्ट थे तब तो विजिलेंस की जांच में फंस गये। जब मामला खुला तो रिजाइन कर दिया। हम तो उन्हें पहले जानते भी नहीं थे। वे मेर बेटे के खिलाफ चुनाव में उतर तभी जाना।रही बात चुनाव में हारने की वजह से साजिश रचने की तो मेरी ऐसी फितरत नहीं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में हम जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ते हैं। कभी हारते हैं तो कभी जीतते हैं। हार-जीत तो जनता के हाथ में है। उसके लिए किसी से व्यक्ितगत दुश्मनी या आरोप लगाना ठीक नहीं। कम से कम मैं तो ऐसा नहीं करता।

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  • Web Title: आरोपोंसे जगदा, शकुनी व अजित चकित