अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

‘मुशर्रफ से सिर्फ कामभर के रिश्ते’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी अपनी तमाम आपत्तियों के बावजूद राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ कामकाजी रिश्ते बनाएगी। हालांकि उन्होंने साफ किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार मुशर्रफ के इशार पर काम नहीं करगी। पाक प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार बर्खास्त जजों की बहाली के अपने वादे पर कायम है। मामला सिर्फ इस बात पर अटका है कि उनकी बहाली के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाए। मिस्र् की यात्रा पर आए पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मुशर्रफ के साथ कामकाजी रिश्ते बनाने पर राजी है। एक दिन पहले ही पाक मीडिया ने खबर दी थी कि देश में नई गठबंधन सरकार के आसार हैं। पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी और पीएमल-एन नेता नवाज शरीफ के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। ऐसे में पीपीपी और मुशर्रफ समर्थक पीएमएल-क्यू के बीच सरकार गठन के लिए समझौता हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पीपीपी के लिए नवाज शरीफ के समर्थन के बिना ही सरकार चलाना आसाना हो जाएगा। गौरतलब है कि नवाज की पार्टी के सभी मंत्रियों ने पिछले सप्ताह जज बहाली के मुद्दे पर नाराज होकर सरकार से इस्तीफ दे दिया था। जब गिलानी का ध्यान मुशर्रफ खेमे के उस फार्मूले की ओर ध्यान दिलाया गया, जिसके तहत पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी को छोड़कर अन्य सभी जजों को बहाल करने पर जोर दिया जा रहा है तो उनका जवाब था, ‘जरूरी नहीं है कि मुशर्रफ की हर इच्छा पूरी की जाए।’

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ‘मुशर्रफ से सिर्फ कामभर के रिश्ते’