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बमों में भरी थीं गोलियाँ

ायपुर बम धमाकों में आतंकवादियों ने विस्फोटकों को बहुत सोच-समझ कर डिााइन किया था। एक फोरंसिक विशेषज्ञ के अनुसार विस्फोटकों को बाँधने के लिए अर्धचन्द्राकार शील्ड इसलिए तैयार की गई थी कि जरूरत पड़ने पर उसे पेट पर बाँध कर मानव बम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सके।ड्ढr राज्य की फोरंसिक लैब की रिपोर्ट में पहली बार देखने में आई बम विस्फोटों की अचूक तकनीक के खुलासे से जयपुर में इस्तेमाल बमों के डिााइन और सामग्री को लेकर अब तक प्रचलित धारणाओं का खण्डन हुआ है। यह रिपोर्ट अभी सरकार को पेश की जानी है। फोरंसिक जाँच में यह भी गलत पाया गया है कि बमों में साइकिल में उपयोग किए जाने वाले लोहे के छर्र लगाए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार वास्तव में यह छर्र न होकर स्टेनलेस स्टील की 6 एमएम की गोलियाँ थीं। यह भी पता लगा लिया है कि ऐसी गोलियाँ कहाँ बनती हैं। रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि धमाकों में आरडीएक्स जसा तेज गति का विस्फोटक काम में लिया था। पुलिस स्टेशन और मन्दिरों को नुकसान न पहुँचने से इस बार में उपजे संदेह को लेकर विशेषज्ञों ने कहा कि इससे पता चलता है कि आतंकवादियों का इरादा केवल लोगों की जान लेना था। जयपुर के पुलिस महानिरीक्षक पंका कुमार सिंह इसकी पुष्टि करते हुए कहते हैं कि प्रत्येक बम से सात-आठ लोगों की जान जाना बताता है कि विस्फोट कितने असरकारी थे।ड्ढr जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के पीड़ितों ने रविवार को नौ एफआईआर लिखवाई हैं। मामले विभिन्न धाराओं में दर्ज हुए हैं। मसलन, देश के खिलाफ साजिश रचने, हत्या की कोशिश, विस्फोटक अधिनियम आदि। इधर, पुलिस ने घटना के बाद चलाए गए संदिग्ध लोगों के धरपकड़ अभियान के तहत अब तक 20 दुकानदारों को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हैं। ये लोग बीते दो माह में राजस्थान आए और चीनी उत्पादों के कारोबार से जुड़े हैं। इन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है। उधर, बम कांड के लिए हूाी को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद बंग्लादेश ने कहा है कि मीडिया जल्दबाजी में ऊलजलूल खबरों को तवज्जो न दे।ड्ढr राजस्थान पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों ने मानक चौक पुलिस स्टेशन में चार एफआईआर लिखाई हैं जबकि कोतवाली पुलिस स्टेशन में पाँच रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। ज्योतिनगर पुलिस स्टेशन के अफसरों ने एक आदमी से पूछताछ की जिसकी शक्ल अब तक जारी सात स्केचों में से एक से मेल खाती थी लेकिन लोगों के बताने पर कि यह एक पुजारी है, उसे छोड़ दिया गया। विशेष जाँच दल ने सवाइमाधोपुर जिले से शनिवार को सिमी कार्यकर्ता मो. साजिद और उसके तीन अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। उनसे भी पूछताछ जारी है। पुलिस ने शनिवार को ही 10 लोगों को गिरफ्तार किया था, जो अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 10 हाार रुपए के मुचलके पर छोड़ दिया गया। यह अभियान संदिग्धों पर नजर रखने के लिए चलाया गया है। दूसरी तरफ, हूाी को बम धमाकों के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर बंग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के विदेशी मामलों के सलाहकार इफ्तिखार अहमद चौधरी ने कहा कि जब तक जाँच न पूरी हो जाए तब तक मीडिया को निष्कर्ष पर नहीं पहुँचना चाहिए। हालाँकि, चौधरी ने विस्फोटों की कड़ी निंदा की।

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  • Web Title: बमों में भरी थीं गोलियाँ