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सप्तरंगी क्रांति का आह्वान किया नीतीश ने

हरित क्रांति तो राज्य के ऊपर से गुजर गई लेकिन सप्तरंगी क्रांति को खेतों में उतार कर ही दम लूंगा। हमार साथ राज्य की पूरी मशीनरी इसमें लगी है। लीजिए धान का बीज और आप भी जुट जाइये इस मुहिम में। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कृषि रोड मैप के प्रमुख कार्यक्रम ‘मुख्यमंत्री त्वरित बीज विस्तार कार्यक्रम’ को लांच करते हुए किसानों का आह्वान कुछ इसी अंदाज में किया। उन्होंने कहा कि अगर आप मिल्लत से काम करते रहे तो राज्य में दूध की नदियां बहेंगी। आज उसी क्रांति का बीजरोपण किया जा रहा है।ड्ढr ड्ढr समारोह में पटना जिले के चयनित लगभग 2500 किसानों को धान का बीज दिया गया। हर प्रखंड के एक-एक किसान को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से बीज दिया। कृषि मंत्री नागमणि की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहते थे कि राज्य के विकास में ‘मील का पत्थर’ साबित होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री करं। उनको समय नहीं मिला तो यह काम हमें करना पड़ा। कुछ लोग कहते हैं कि राज्य सरकार केन्द्र के पैसे को खर्च नहीं करती। लेकिन असल में वे इस बात को लेकर चिंतित होते हैं कि बिना केन्द्रीय मदद के बिहार सरकार सब काम कैसे कर ले रही है। क्योंकि उन्हें पता है कि बाढ़ में सरकार की ओर जो राहत सामग्री बांटी गई उसकी फूटी कौड़ी भी केन्द्र से नहीं मिली।ड्ढr ड्ढr समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य में अभी काम करने वाली सरकार है। 17 फरवरी को इसी हॉल में जो घोषणा की गई आज उस पर अमल शुरू हो गया। ग्रामीण कार्य मंत्री वृशिण पटेल के अलावा पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रामनारायण मंडल और सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया। समारोह में आगत अतिथियों का स्वागत कृषि विभाग के सचिव सी के अनिल ने किया तो स्वागत भाषण विभाग के निदेशक डा. एन सरवण कुमार ने किया। मुख्य सचिव आर जेएम पिल्लै, पशुपालन और सहकारिता सचिव के अलावा किसान आयोग के अध्यक्ष रामाधार भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

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