अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कोई बिहारी रोटी के लिए बाहर नहीं जाएगा: नीतीश

शादी के दूसर ही दिन रोटी के लिए बाहर जाने वाले मजदूर सुहागरात का मर्म भी नहीं समझते थे। अब राज्य में इतनी आर्थिक गतिविधियां होने लगीं कि वे लौटने लगे हैं। उनमें बिहार को मजबूत बनाने की ललक है तो यहां काम मिल जाने की आशा भी जगी है। अपनी मेहनत के बूते दूसर राज्यों को समृद्ध बनाने वाले मजदूर लौटकर अपने राज्य को ऐसा बनायेंगे कि बिहारी कहलाना अपमान नहीं शान की बात होगी। उनके इस मकसद में हर कदम पर साथ होगी सरकार। मुख्यमंत्री ने जब ये बातें श्री कृष्ण मेमोरियाल हॉल में कहीं तो किसानों का उत्साह देखने लायक था। स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आत्मविश्वास से लबरा थे। उन्होंने कहा कि अब कोई बिहारी रोटी के लिए बाहर नहीं जायेगा। बल्कि बाहरी मजदूर बिहार में काम करने आयेंगे। लेकिन हम उन्हें भी उतना ही सम्मान देंगे जितना अपने घर के लागों को।ड्ढr ड्ढr हमारे संस्कार नहीं है कि बाहर से आये लोगों के लिए संकट पैदा करं। रोड मैप के पहले कार्यक्रम को लॉच करते हुए उन्होंने बिना नाम लिये महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के नेता राज ठाकर पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तो पलायन मात्र 40 प्रतिशत ही घटा है तो कई राज्यों की हालत खराब होने लगी है। बिहारी मजदूरों के भरोसे चल रहे दूसर प्रदेशों के कारखानों में बंदी के हालात पैदा होने लगे हैं। राज्य में अब जाति की बात नहीं होती। यहां तो सिर्फ विकास की चर्चा होती है। हम किसी को छोड़कर नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलने के हिमायती हैं और सरकार भी उसी आधार पर काम कर रही है। उन्होंने किसानों का जमकर खेती में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि खेती में मुनाफा बढ़ेगा। उत्पादन बढ़ाने से लेकर विपणन तक की योजना सरकार ने बनायी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कोई बिहारी रोटी के लिए बाहर नहीं जाएगा: नीतीश