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जेब से निकाली और दवा पिला दी

वैसे तो पोलियो उन्मूलन अभियान के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इसकी तल्ख सच्चाई भी गाहे-बगाहे सामने आती ही रहती है। फिलहाल जो मामला सामने आया है वह ये कि बालकों को भी ट्रांजिट टीम में रखकर उनसे काम लिया जा रहा है। इस तरह सरकारी योजना में भी बालश्रम अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। ऊपर से दवा ठंडी रखने के लिए बॉक्स-वॉक्स का कोई इंतजाम नहीं। कमीज की जेब किस दिन काम आएगी?ड्ढr ड्ढr जिले में पोलियो उन्मूलन का विशेष अभियान रविवार से शुरू हुआ। गिलेशन बाजार स्थित दुर्गामंदिर के निकट ट्रांजिट टीम नं.38 में पल्स पोलियो का बैज लगाए व पीला जकेट पहले आठ-दस साल के दो लड़के दवा पिलाने को खड़े हैं। चिलचिलाती धूप में एक दुधमुंहे को लेकर एक बच्चा पहुंचता है। आठ साल का घनश्याम उसे दवा पिला देता है। आइस बॉक्स से निकालकर नहीं। घनश्याम ने घंटों से उस दवा को जेब में रखा हुआ था। अब इसका कितना असर हुआ होगा, भगवान जाने। पोलियो उन्मूलन अभियान की हकीकत बयां करने के लिए यह दृश्य काफी है। इस अभियान में सैकड़ों अनियमितताएं स्वास्थ्य विभाग दर्ज कर चुका है। ठोस और कारगर कदम उठाये गए होते तो इस तरह का दृश्य देखने को न मिलता। इस बाबत सीएस डॉ. बिल्टू पासवान का कहना है कि ऐसी कोई सूचना तो नहीं मिली है, जांच करवा ली जाएगी।

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