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गेहूं खरीद में होंगे सभी रिकार्ड ध्वस्त

गेहूं खरीद में इस बार एफसीआई अपने सभी रिकार्ड ध्वस्त कर देगी। उत्तर भारत में हो रही बारिश का भी गेहूं खरीद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश व राजस्थान में अभी भी खरीद हो रही है। इसके पीछे प्राइवेट कंपनियों की पहले खरीद की परमिशन न मिलने व वायदा कारोबार पर रोक लगने के कारण यह संभव हो पाया है। सबसे अधिक लक्ष्य से 12ीसदी अधिक खरीद हरियाणा में की गई है। वहीं प्राइवेट ट्रेडर्स को इस बार कुल खरीद 188 लाख मिट्रिक टन में से मात्र 6.8 लाख मिट्रिक टन गेहूं ही हाथ लगा है। इस बार रिकार्ड तोड़ गेहूं खरीद से एफसीआई गदगद है। इस संबंध में उत्तर अंचल के कार्यकारी निदेशक जे.पी.शर्मा का मानना है कि सन् 2001-02 में 200 लाख मिट्रिक टन से अधिक भंडारण का रिकार्ड इस बार टूट जाएगा, क्योंकि अभी तक सबसे अधिक खरीद वाले उत्तर अंचल में 188 लाख मिट्रिक टन से अधिक की खरीद हो चुकी है और राजस्थान के साथ यूपी में अभी भी खरीद जारी है जो 30 मई तक चलेगी। जबकि समूचे भारत में यह आंकड़ा 200 मिट्रिक टन के आसपास है। बारिश के कारण खरीद में बाधा आने की किसी भी संभावना से साफ इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि एफसीआई के उत्तरी अंचल में विशेषकर पंजाब, हरियाणा व यूपी में गेहूं की खरीद इसी तरह चलती रहेगी और लक्ष्य से कहीं ज्यादा खरीद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों ने खेत से गेहूं उठा लिया इसलिए बारिश का असर न के बराबर रहेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक पंजाब से लाख मिट्रिक टन, हरियाणा से 52, राजस्थान से 8.5 व यूपी से 20 लाख मिट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। पंजाब में गत सीजन की तुलना में 105, हरियाणा में 12ीसदी अधिक लक्ष्य प्राप्त किया है जबकि गत सीजन में आधा लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ था और सबसे अधिक दुर्गति यूपी में हुई थी जहां लक्ष्य का 1.6 फीसदी ही गेहूं खरीदा गया था। इस बार प्राइवेट ट्रेडर्स (निजी कंपनियां) के हाथ कुल खरीद का 6.8 लाख मिट्रिक टन हाथ लगा है।

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  • Web Title: गेहूं खरीद में होंगे सभी रिकार्ड ध्वस्त