DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महापंचायत के बाद हालात काबू में, लेकिन तनाव बरकरार

महापंचायत के बाद हालात काबू में, लेकिन तनाव बरकरार

मुरादाबाद के कांठ इलाके में शुक्रवार को बीजेपी महापंचायत में हुए हंगामे के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य है। कांठ इलाके में धारा 144 लागू होने के बावजूद बीजेपी ने शुक्रवार को ना सिर्फ महापंचायत की, बल्कि घंटों रेलवे ट्रैक भी जाम रखा। इस दौरान जमकर पथराव भी हुआ जिसमें मुरादाबाद के डीएम को सिर में काफी चोट आई है। हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे औऱ एक दर्जन सांसदों-विधायकों समेत करीब दो सौ लोगों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
 
शुक्रवार दोपहर से बंद हरिद्वार-मुरादाबाद रेल मार्ग को फिलहाल मालगाड़ियों के लिए खोल दिया गया है जबकि यात्री ट्रेनें अभी भी बदले रूट से चल रही हैं। रूट बदले जाने से मुरादाबाद से होकर गुजरने वाली 70 जोड़ी (यानी करीब डेढ़ सौ) ट्रेनों पर असर पड़ा है। जम्मू, लुधियाना, पंजाब को आने-जाने वाली ट्रेनों मेरठ रूट से गुजारा जा रहा है जबकि हरिद्वार और देहरादून जाने वाली ट्रेनों को अमरोहा-मंडी धनौरा के रास्ते निकाला जा रहा है।

कल के तनावपूर्ण माहौल के बाद चप्पे चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। दोपहर में मीडिया से मुखातिब होंगे। खबर है कि भाजपा का पांच विधायकों का दल आज कांठ पहुंचेगा। हालांकि प्रशासन ने उन्हें रोकने की तैयारी कर रखी है। इस टीम में शाहजहांपुर के विधायक सुरेश खन्ना, नूरपुर विधायक लोकेन्द्र सिंह, शामली के सुरेश राणा, बरेली विधायक धर्मपाल सिंह और बरेली शहर विधायक अरुण सक्सेना शामिल हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मुरादाबाद पहुंच चुके हैं जो आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं।

गौरतलब है कि शुक्रवार को कांठ में भाजपा की महापंचायत को रोके जाने से गुस्साई भीड़ ने जमकर बवाल किया। युवकों की गुस्साई भीड़ ने कांठ स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। भीड़ को हटाने पहुंचे भारी पुलिस-प्रशासन के अमले को भीड़ ने जमकर दौड़ा। दोनों ओर से जमकर पथराव और फायरिंग हुई। पथराव में डीएम, महिला सीओ और इंस्पेक्टर समेत दर्जन भर पुलिस वाले जख्मी हो गए। डीएम की हालत गंभीर है।

कांग्रेस ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया
कांग्रेस ने आज उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तनाव के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और पुलिस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि कानून एवं व्यवस्था के उपाय किये जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।
    
पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर चुप्पी साधे रखने और भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया। सिंघवी ने सरधाना से विधायक संगीत सोम के नेतत्व में भाजपा नेताओं के इलाके में महापंचायत आयोजित करने के फैसले पर सवाल खड़ा किया और कहा कि सोम पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्य से यह कर रहे हैं।
   
उन्होंने कहा कि क्या महापंचायत किये बगैर देश नहीं चल सकता था। यह आग में घी डालने जैसा है। यह भाजपा के विभाजनकारी एजेंडा को दर्शाता है। मोदी चुप्पी साधे हुए हैं और भाजपा का कोई वरिष्ठ नेता निंदा नहीं कर रहा है। संगीत सोम पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्य से यह कर रहे हैं।
    
कांग्रेस के एक अन्य नेता राशिद अल्वी ने कहा कि विवाद बहुत ही मामूली बात को लेकर था और इसे लगभग सुलझा लिया गया था लेकिन कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने दो समुदायों के बीच बनी सहमति को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद सहित भाजपा नेताओं ने सहमति पर अपने हस्ताक्षर किये थे, लेकिन भाजपा कार्यकताओं द्वारा इसे नकार दिया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:महापंचायत के बाद हालात काबू में, लेकिन तनाव बरकरार