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सरकार के खिलाफ कोर्ट जाएगी फ्रेंचाइजी कंपनी

फ्रेंचाइजी रद्द करने को लेकर अब कानूनी लड़ाई शुरू हो सकती है। रांची के लिए बिजली वितरण की फ्रेंचाइजी लेने वाली कोलकाता इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी ने कहा है कि वह सरकार के निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएगी।

कंपनी ने कहा है कि सरकार का निर्णय पूरी तरह गलत है। रांची में कंपनी का काम देख रहे लाइजनिंग अफसर संजीव सेनगुप्ता ने बताया कि कंपनी के साथ जानबूझ कर ऐसा निर्णय लिया गया है। विखंडन के बाद हुई पहली बोर्ड मीटिंग में भी फ्रेंचाइजी पर बात हुई थी।

आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि व्यवस्था रद्द करने का निर्णय लिया गया। इस मामले पर सरकार चुप है। उसके आला अधिकारी ऊपर का मामला बताकर आधिकारिक कमेंट देने से बच रहे हैं।

क्या कहते हैं ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि फ्रेंचाइजी में बहुत तरह की गड़बड़ियां थीं। मामला विधानसभा में भी उठा था। मुख्य सचिव के साथ बैठक में भी बातें आई थीं। हेमंत सरकार ने जनहित में फ्रेंचाइजी रद्द करने का फैसला लिया।

अब तक 50 करोड़ खर्च हो चुके हैं: सीएसइ
सेनगुप्ता ने बताया कि सरकार का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। एक माह तक सरकार कहती रही ऑर्डर हो जाएगा। अब ऑर्डर रद्द कर दिया गया। कंपनी ने रांची में बिजली आपूर्ति के लिए 40 इंजीनियर, 20 क्लर्क व कंप्यूटर ऑपरेटर और 60 से 70 फील्ड स्टॉफ को लगाया था।
कमड़े में 25 हजार वर्गफीट का स्टोर हाउस भी खोला गया था। इसमें ट्रांसफारमर और तार सहित अन्य उपकरण भी मंगा लिए थे। रांची के लिए पूरी तैयारी थी। कंपनी ने अब तक 50 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं।

सरकार ने किस आधार पर फ्रेंचाइजी रद्द किया है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। ऊर्जा विभाग और बिजली बोर्ड ने ही टेंडर किया था। फ्रेंचाइजी भी उन्होंने ही तय किया था। मैं तो यही कह सकता हूं कि सरकार बिजली को लेकर गंभीर नहीं है। देश में जहां भी फ्रेंचाइजी की व्यवस्था लागू की गई है, वहां बेहतर परिणाम आये हैं।
अर्जुन मुंडा, नेता प्रतिपक्ष

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