DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

40 की बजाय 4 से चलता है जिला परिषद का

बक्सर नगर संवाददाता। त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सबसे उपर की कड़ी जिला परिषद में स्टाफ की घोर कमी है। जिला परिषद के स्थानीय कार्यालय में 40 का काम महज 4 स्टाफ के भरोसे चलता है। दूसरी तरफ इन कर्मियों को वेतन भी दोयम दर्जे का ही मिलता है। इसका प्रभाव जिला परिषद के कामकाज पर पड़ता है।

बक्सर जिला परिषद के कार्यालय में फिलहाल दो लिपिक व दो चतुर्थवर्गीय कर्मी कार्यरत हैं। 2002 तक जिला परिषद में 5 लोग कार्यरत थे। एक के रिटायर्ड हो जाने के बाद वह पद भी खाली हो गया। जबकि कार्यालय में सभी श्रेणी के पदों को मिलाकर करीब 40 लोगों की जरुरत है। रिक्त पदों पर बहाली को लेकर सरकार ने कोई योजना आज तक नहीं बनायी। नतीजा यह होता है कि प्रभारी अधिकारी को भी कभी-कभी क्लर्क की भूमिका में आना पड़ता है।

स्टाफ की संख्या कम होने से यहां काम का बोझ भी अधिक है। लेकिन कर्मियों को महंगाई के इस जमाने में काम के अनुपात में वेतन भी नहीं मिलता। केन्द्र सरकार सातवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर चुकी है, लेकिन जिला परिषद के कर्मियों के लिए यह घोषणा एक मजाक भर है। जिला परिषद के कर्मी अभी चौथे वेतनमान आयोग की अनुशंसा के आधार पर ही वेतन पाते हैं। इन कर्मियों को अभी तक पाचवें या छठे वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल सका है।

महंगाई के दौर में जो वेतन कर्मियों को मिलता है, उससे परिवार का खर्च मुश्किल ही चल पाता है। आड़े आती है संसाधन की कमीजिला परिषद में कर्मियों की नियुक्ति में संसाधन की कमी आड़े आती है। जिला परिषद के पास इतना बजट नहीं है कि पूरी क्षमता में कर्मियों को वेतन दे सके। इसी वजह से जिला परिषद में संविदा की नियुक्ति भी नहीं होती है। हालांकि जिला परिषद के कर्मियों का कहना है कि चतुर्थ वित्त आयोग की राशि से उनके वेतन का भुगतान किया जा सकता है।

क्या कहते हैं अधिकारीः जिला परिषद कर्मियों को छठे वेतन आयोग का लाभ देने पर सैद्धांतिक सहमति बन गयी है। छठा वेतन लागू किए जाने पर कर्मियों को पुराने एरियर का भुगतान भी करना होगा। जिला परिषद के पास उपलब्ध सभी संसाधनों को देखते हुए जल्द ही कर्मियों को छठा वेतन आयोग का लाभ देने का निर्णय लिया जाएगा। - एसएन कुंवर, डीडीसी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:40 की बजाय 4 से चलता है जिला परिषद का