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डीजीपी ने न्यायिक प्रणाली पर उठाए सवाल

देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता। डीजीपी बीएस सिद्धू शुक्रवार को अधविक्ताओं से मिलने बार भवन में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान न्यायिक प्रणाली की तमाम खामियां गिनाई। पुलिस की मजबूरी भी बताई। फिर नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनके जवाब में बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कई दलीलें दी। शुक्रवार दोपहर करीब पौने दो बजे डीजीपी बीएस सिद्धू बार भवन में पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया।

बार एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में डीजीपी बीएस सिद्धू ने पुलिस की परेशानियां रखी। यह कहने में भी नहीं चूके कि अधविक्ताओं के कर्तव्य और दायित्व भी तय होने चाहिए। उन्होंने लाल-नीली बत्ती पर चर्चा करते हुए कहा कि जिला जजों को तो लाल बत्ती दे दी गई, लेकिन डीएम-एसएसपी के लिए कहा दिया गया कि कौन सी बत्ती लगाओगें, तुम जानो या सरकार। फिर डीजीपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी स्टॉफ में रशि्तेदारों और करीबियों को नहीं रखने के फैसले की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यहां ऐसा क्यों नहीं होता। अगर भ्रष्टाचार रोकना है तो यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए। अंत में बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव शर्मा ‘बंटू’ ने विचार रखे। उन्होंने साफ कहा कि वह डीजीपी साहब की कई बातों से इत्तेफाक नहीं रखते। जहां तक अधविक्ताओं के कर्तव्य और दायित्व की बात है तो वह भी शपथ लेकर बार काउंसिल के तय कायदों में बंधे होते हैं। अधविक्ताओं की भी जिम्मेदारी तय होती है। सचवि रघुवीर कठैत ने थाने-चौकयों में आम लोगों से दुर्व्‍यहार, सीपीयू की कार्यप्रणाली के साथ सत्यापन जैसे मुद्दों पर बात रखी।

अधविक्ताओं ने दी कई प्रतिक्रियाडीजीपी के व्याख्यान पर बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य पृथ्वीराज सिंह चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह किसी हैसियत से बोल रहे थे। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर टिप्पणी की गई। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा कि वह इस मामले में बार काउंसिल के सम्मुख उठाएंगे।

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