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जमाखोरी करने वालों को जमानत भी नहीं मिलेगी

जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार इसे गैर जमानती अपराध बनाने जा रही है। खाद्य मंत्रालय जल्द ही इस बारे में कैबिनेट को प्रस्ताव भेजेगा। खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को महंगाई रोकने के उपायों पर बुलाई गई राज्यों के खाद्य मंत्रियों की बैठक में यह बात कही।

एक्शन प्लान भी तैयार
पासवान ने बताया कि महंगाई अमूमन जून से अक्तूबर तक की समस्या है, इसलिए इससे निपटने के लिए छह माह का एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी राज्यों ने आवश्यक वस्तु अधिनियम को और सख्त बनाने की मांग की।

सभी जिलों में आलू-प्याज के लिए बनेगा भंडार गृह
पासवान के मुताबिक, देश के सभी जिलों में आलू-प्याज आदि के लिए भंडारगृह बनाने का भी फैसला हुआ है। बैठक में कई राज्यों ने कीमत स्थिरीकरण कोष के गठन की भी मांग की। इस कोष का इस्तेमाल कीमतें नियंत्रित करने के लिए होगा। इससे राज्य सरकार सामान खरीदने के लिए राशि आवंटित करा सकती है।

सात घंटे चली बैठक
करीब सात घंटे तक चली राज्यों के खाद्य मंत्रियों की बैठक में सभी ने अपना पक्ष रखा। बैठक में खाद्य सुरक्षा कानून पर भी चर्चा हुई। इस कानून को शुक्रवार से लागू होना था, लेकिन केंद्र ने इसे तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। पासवान बोले, खाद्य सुरक्षा लागू करने में लाभार्थियों की पहचान बड़ा काम है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार ने ए, बी और सी श्रेणी के कर्मी, आयकर देने वालों को छोड़ सभी को खाद्य सुरक्षा दायरे में शामिल किया है।

जमाखोरी की परिभाषा साफ नहीं है। बड़ी कंपनियां खाद्य पदार्थो का स्टॉक करें तो कार्रवाई नहीं होगी, दुकानदार राशन जमा करें तो कार्रवाई होगी।

कहां है समस्या?
मार्केटिंग: मंडी के अंदर कोई चीज 10 रुपये किलो है और मंडी के गेट पर वही चीज 40 रुपये/किलो है।
आपूर्ति : ज्यादातर गोदाम शहरों में हैं, इन्हें खेतों के पास होना चाहिए।

क्या चाहता है केंद्र
1. नई भंडारण सुविधाएं बनाई जाएं
2. आलू-प्याज भंडारण सीमा तय हो
3. जमाखोरों की धरपकड़ की जाए
4. विशेष कोर्ट में सुने जाएं मामले

 

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