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लखनऊ टू गोण्डा दौड़ी इलेक्ट्रिक ट्रेन, अब गोरखपुर की बारी

ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी है। बहुप्रतिक्षित सपना पूरा होने को है। लखनऊ से गोण्डा (119 किमी) के बीच शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे के इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट ने पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाई। ट्रायल (परीक्षण) पूरी तरह सफल रहा।

कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) इस रूट का 14 जुलाई को अंतिम निरीक्षण करेंगे। उनकी मुहर लगते ही रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी। सफल ट्रायल से अधिकारी उत्साहित हैं। उन्होंने अब गोरखपुर तक इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। गोण्डा से बस्ती तक विद्युतिकरण पूरा हो चुका है। गोरखपुर तक काम दिसम्बर में पूरा होने की उम्मीद है।
       
लखनऊ-गोण्डा रूट का विद्युतिकरण साल की शुरुआत में पूरा हो चुका था। शुक्रवार की सुबह इस रूट पर ट्रायल के लिए मेमू ट्रेन चलाई गई। इंजन में बैठे लखनऊ के रेल अधिकारी सुजीत मिश्र, मनीष मिश्र और जगन्नाथ पूरी बारीकी से नजर रखे हुए थे। ट्रेन सकुशल गोण्डा पहुंची तो सभी खुशी से उछल पड़े।

छपरा-थावे रूट को सीआरएस की हरी झंडी
पूवरेत्तर रेलवे के वाराणसी मण्डल में छपरा-थावे वाया सिवान रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए सीआरएस ने हरी झंडी दे दी है। करीब 89 किलोमीटर लंबे इस रूट का सीआरएस ने 14 जून को निरीक्षण किया था। छपरा-सिवान (61 किमी) और सिवान-थावे (28 किमी) रूट का विद्युतिकरण जनवरी-फरवरी 2014 में पूरा हो गया था।

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