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दलित उत्पीडन में यूपी और बलात्कार में एमपी आगे

दलित उत्पीडन में यूपी और बलात्कार में एमपी आगे

दलित उत्पीड़न के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले नंबर पर है और बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश का पहला नंबर है। उत्तर प्रदेश में सपा सरकार के आते ही गुंडाराज की शुरुआत हो जाती है। प्रदेश में पुलिसवालों की हत्याएं हो रही हैं। प्रदेश की दलित आबादी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बजाए प्रदेश को कई नेता चला रहे हैं। यह कहना है कांग्रेस नेता व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया का। वह शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग में दर्ज हुए उत्पीड़न के मामले में आगरा मंडल की समीक्षा करने आए थे।

सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए पीएल पूनिया ने कहा कि वर्तमान की सपा सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार अपराधियों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। प्रदेश में रोजाना हत्याएं, लूट, अपहरण हो रहे हैं। उप्र में पुलिस वाले भी अपराधियों की गोली का शिकार हो रहे हैं। पूर्ववर्ती बसपा सरकार को भी उन्होंने सपा की सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि बसपा ने दलितों का भला करने से ज्यादा उनका उत्पीड़न ही किया है। केन्द्र की एनडीए सरकार को उन्होंने धोखा देने वाली सरकार बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने के वादे के साथ सत्ता में आई बीजेपी अब लोगों को महंगाई की डोज देकर बुरे दिनों की याद ताजा करा रही है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर पीएल पूनिया ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा। हम 10 साल से सत्ता में थे। इसके अलावा हम अपने जनता के लिए किए गए कार्यो को आम जनता तक नहीं पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने धर्म व जाति के नाम पर वोट लेकर जीत दर्ज की है।

आयोग का पद होता है संवैधानिक
केन्द्र में सत्ता बदलने के बाद राज्यपाल व आयोगों के अध्यक्ष पदों से लोगों को हटाने की मोदी सरकार की पहल से पीएल पूनिया सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि राज्यपाल व आयोगों के अध्यक्ष पद संवैधानिक होते हैं। इन पदों पर नियुक्ति किसी सरकार की मर्जी से नहीं होती है। इन पदों से बिना किसी ठोस वजह के हटाना गलत है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद पर उनका कार्यकाल वर्ष 2016 तक है। उन्हें उम्मीद है कि केन्द्र सरकार संवैधानिक पदों पर नियुक्त व्यक्तियों को उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद ही इन पदों पर नई नियुक्ति करेगी।

अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी के पुलिस अधिकारियों के साथ आयोग में आगरा मंडल के जनपदों में दर्ज दलित उत्पीड़न के मामलों पर चर्चा की और उनकी प्रगति की जानकारी की। वर्तमान में आयोग में आगरा जनपद के 26 मामले, मथुरा के 16 मामले, मैनपुरी के 2 मामले दर्ज हैं, जिन पर जिला पुलिस जांच कर रही है। समीक्षा बैठक में मौजूद डीआईजी विजय सिंह मीणा, एसएसपी शलभ माथुर सहित मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद के एसएसपी भी उपस्थित रहे।

महिला भिड़ गई कंपनी के अधिकारियों से
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एक दलित महिला कर्मचारी को किसी आरोप में कंपनी ने निलंबित कर रखा है। उसने मामले की शिकायत आयोग से की है। आयोग ने महिला के पक्ष में फैसला दे दिया है। महिला का आरोप है कि आदेश के बावजूद उसे बहाल नहीं किया जा रहा है। इस मामले की शिकायत करने महिला पीएल पूनिया के पास पहुंची थी। वहां आईओसी के अधिकारी भी उपस्थित थे। बातचीत के बाद जब दोनों पक्ष बाहर निकले तो दोनों पक्ष गुत्थमगुत्था हो गए। लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत किया।

पार्टी सड़क पर जाकर करे संघर्ष
पीएल पूनिया ने सर्किट हाउस में ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। आयोग के स्टेट कॉर्डीनेटर उपेन्द्र सिंह ने बताया कि पीएल पूनिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की वादाखिलाफी से लोगों को अवगत कराने के लिए सड़कों पर जाकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं में उर्जा का संचार करते हुए नए सिरे से पार्टी को खड़ा करने और 2017 में उप्र विधानसभा चुनाव में पार्टी को सबसे अधिक सीट दिलाने के लिए कड़ी मेहनत करने को कहा। इस अवसर पर सुरेश रावत, अजीज अहमद, दीवान सिंह मुखिया, मदन मोहन शुक्ला, राजेश जाटव, लक्ष्मी नारायण सिंह, मानपाल सिंह, सरोज सिंह चौहान, गीता सिंह, रीता सिंह, कृष्ण तिवारी, राजेन्द्र सोनकर आदि उपस्थित रहे।

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