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सुब्रत राय ने उच्चतम न्यायालय से की रहम की गुजारिश

सुब्रत राय ने उच्चतम न्यायालय से की रहम की गुजारिश

सहारा प्रमुख सुब्रत राय की अंतरिम जमानत पर रिहाई के अनुरोध पर आज उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर ली और अब अपना आदेश बाद में सुनायेगा। सुनवाई के दौरान राय ने न्यायालय से रहम दिखाने और जेल से बाहर निकलने की छूट देने का अनुरोध किया, ताकि नियमित जमानत के लिये दस हजार करोड़ रुपए सेबी के पास जमा कराने हेतु वह जेल से बाहर आकर संपत्तियां की बिक्री कर सकें।
     
न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष राय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा, इस मामले में अब हमें रहम की जरूरत है। वह अब तक कई महीने जेल में बिता चुके हैं और उनकी रिहाई संपत्तियों की बिक्री के लिये बातचीत के अवसर बढ़ायेगी।
     
दस बीच सहारा समूह की परेशानियां आज उस वक्त और बढ़ गयीं जब कि न्यायालय ने समूह के खिलाफ की गयी कार्रवाई और प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में आयकर विभाग को दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। आय कर विभाग ने न्यायालय में दावा किया था कि कंपनी पर सात हजार करोड़ रूपए का कर बकाया है।
      
न्यायाधीशों ने अपने आदेश में कहा कि दो कंपनियों के खिलाफ आयकर कर निर्धारण के विवरण के साथ दो सप्ताह में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी जाती है। इसमें स्पष्ट किया जाये कि अब तक क्या कार्रवाई की गयी और अब क्या करना प्रस्तावित है। आय कर विभाग को इस संबंध में लंबित मामले का विवरण भी देना है।
      
न्यायाधीशों ने आयकर विभाग से कहा, यह कहने के लिये आसान रास्ता मत चुनिये की आप न्यायालय की मदद के लिये यहां हैं। आप को कार्रवाई के लिये रणनीति बनाने की आवश्यकता है। आपको अपने अधिकार का उपयोग करना चाहिए। आपको स्वतंत्र अधिकार प्राप्त है तो फिर आप कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। आप निष्क्रियता से बाहर आइये।
     
विभाग ने न्यायालय को सूचित किया कि उसने आठ सौ निवेशकों को नोटिस भेजा था, लेकिन इनमें से सिर्फ 137 ने ही अभी तक जवाब दिया है। इस पर न्यायाधीशों ने कहा कि कोई निवेशक है ही नहीं, तभी तो आपको कोई मिल नहीं रहा है। ऐसा लगता है कि पैसा किसी अज्ञात स्रोत से आया था। यह धन बगैर हिसाब किताब है जिसे कंपनी में लगाया गया है।
     
न्यायालय ने कहा कि इस मामले में सहायता के लिये वह न्याय मित्र नियुक्त करने पर विचार कर रहा है जिसमें समूह को न्यायालय में कार्यवाही खत्म करने के लिये करीब 37 हजार करोड़ रुपए का भुगतान करना है। सुब्रत राय ने अनुरोध किया कि उन्हें कम से कम 40 दिन के लिये अंतरिम जमानत या पेरोल पर रिहा किया जाये, ताकि वह जमानत के लिये दस हजार करोड़ रूपए का बंदोबस्त कर सकें। वह न्यूयार्क में ड्रीम डाउनटाउन और द प्लाजा होटल तथा लंदन में ग्रासवेनर हाउस बेचने के लिये तैयार हैं।
      
65 वर्षीय सुब्रत राय निवेशकों का 20 हजार करोड रूपए से अधिक धन नहीं लौटाने के कारण चार मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

 

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