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जानकारी बढ़ाएं प्रेग्नेंसी का मजा उठाएं

जान-पहचान वालों को पता चला नहीं कि आप मां बनने वाली हैं, तरह-तरह की सलाहों का तांता लग जाता है। दरअसल, हमारे यहां प्रेग्नेंसी से जुड़े तमाम तरह के मिथक प्रचलित हैं। इन मिथकों पर विश्वास करने से बेहतर है कि आप प्रेग्नेंसी से जुड़ी अपनी जानकारी का दायरा बढ़ाइए और एक नई जिंदगी को दुनिया में लाने के अनुभव का मजा लीजिए, बता रही हैं शाश्वती

मिथक 1: आपके पेट के आकार से होने वाले बच्चे के लिंग के बारे में पता चलता है।
तथ्य: आम धारणा है कि अगर आपको बेटा होने वाला है तो आपका पेट ऊपर की ओर चढ़ा रहेगा, वहीं अगर आपको बेटी होने वाली है तो पेट नीचे की ओर लटका रहेगा। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि गर्भावस्था के दौरान जिस महिला के पेट का आकार छोटा होता है, उसे बेटा होता है और जिसके पेट का आकार बड़ा होता है, उसे बेटी होती है। पर विशेषज्ञों की मानें तो गर्भावस्था में आपके पेट का आकार कैसा होगा, यह आपके गर्भाशय के मूल आकार, प्रेग्नेंसी के दौरान वसा के वितरण, पेट की मांसपेशियों की मजबूती, गर्भ में बच्चे की स्थिति और आप कितने बच्चे को जन्म देने वाली हैं, पर निर्भर करता है।

मिथक 2: आपके चेहरे की चमक से बच्चे के लिंग का पता चलता है।
तथ्य: कुछ लोगों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान अगर आपके चेहरे की चमक बढ़ गई है तो इसका मतलब है कि आपको बेटी होने वाली है, वहीं अगर आपके चेहरे पर चमक नहीं है तो आपको बेटा होने वाला है। पर सच्चाई यह है कि अधिकांश गर्भवती महिलाओं को चेहरे पर गर्भावस्था के दूसरी तिमाही के अंत से चमक आने लगती है क्योंकि इस वक्त तक मॉर्निंग सिकनेस की समस्या खत्म हो जाती है, डाइट अच्छी हो जाती है, रक्त संचार बेहतर हो जाता है। चेहरे की चमक का  संबंध बेहतर डाइट से होता है न कि बच्चे के लिंग से।

मिथक 3: प्रेग्नेंसी के दौरान अगर सीने में जलन हो रही है तो इसका मतलब है कि बच्चे के सिर पर ढेर सारे बाल होंगे।
तथ्य: प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली यह आम समस्या है। इसकी मुख्य वजह रिफ्लक्स ऑसोफजाइटिस है, जिसमें हमारा खाना पेट से वापस फूड पाइप में आ जाता है। चूंकि फूड पाइप में वापस आने वाले खाने की प्रकृति एसिडिक होती है, इस वजह से प्रेग्नेंसी के दौरान सीने की जलन की समस्या होती है। बच्चे के सिर के बाल का इस परेशानी से कोई संबंध नहीं है।

मिथक 4: आपको दोगुना खाना खाना चाहिए क्योंकि आपके गर्भ में एक जिंदगी पल रही है।
तथ्य: विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ती है, पर इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दो लोगों के लिए खाना खाना है। मां का सेहतमंद होना जरूरी है, क्योंकि गर्भ में पल रहा बच्चा प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे सभी पोषक तत्वों के लिए मां पर ही निर्भर होता है। गर्भवती महिला को संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाना चाहिए। उन्हें एक बार में ढेर सारा खाने की जगह हर दो घंटे पर थोड़ा-थोड़ा खाना खाना चाहिए। इससे खाना आसानी से पचेगा, सीने में जलन की शिकायत कम होगी और वसा इकट्ठा होने का खतरा भी कम होगा।

मिथक 5: मेरा जन्म ऑपरेशन से हुआ था तो मेरे बच्चे का जन्म भी ऑपरेशन से ही होगा।
तथ्य: आपके बच्चे का जन्म किस तरीके होगा, इसका संबंध आनुवंशिकी से बिल्कुल भी नहीं है। बच्चे का जन्म सामान्य तरीके से होगा या ऑपरेशन से होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके गर्भ में कितने बच्चे पल रहे हैं, गर्भ में बच्चे की स्थिति कैसी है, गर्भ का मुंह खुला है या नहीं या फिर मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की जिंदगी को किसी तरह का खतरा है या नहीं। डॉक्टर सामान्य तरीके से डिलीवरी करवाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं।

मिथक 6: ब्रेस्ट फीडिंग करवा रही हैं तो आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं।
तथ्य: इस तथ्य में कोई जान नहीं है। अनचाहे गर्भ से बचने के लिए हमेशा गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें। ब्रेस्टफीडिंग करवाने से आप बच्चे के जन्म के बाद सिर्फ एक से डेढ़ माह तक गर्भधारण से बची रह सकती हैं।

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