DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मेस्सी पर निर्भर अर्जेंटीना के सामने अब बेल्जियम की चुनौती

मेस्सी पर निर्भर अर्जेंटीना के सामने अब बेल्जियम की चुनौती

अर्जेंटीना की टीम शनिवार को जब यहां विश्व कप क्वार्टरफाइनल में स्टार सुसज्जित बेल्जियम से भिड़ेगी तो वह एक बार फिर अपने स्टार स्ट्राइकर लियोनल मेस्सी से प्रेरणा लेकर अगले दौर में जगह बनाना चाहेगी। 
    
इस मुकाबले में जीत अर्जेंटीना को अंतिम चार में पहुंचा देगी, जिसमें हॉलैंड या कोस्टा रिका की टीम उसका इंतजार कर रही होगी। अर्जेंटीना ने अंतिम बार विश्व कप खिताब 1986 में अपने नाम किया था और इस खिताबी भिड़ंत से पहले उसने सेमीफाइनल में बेल्जियम को पराजित किया था।
    
लेकिन परिणाम देकर उम्मीदों पर खरा उतरने के बावजूद उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और टीम की मेस्सी पर निर्भरता उसके मुख्य कारक के रूप में देखी जा रही है। अर्जेंटीना ने अब तक अपने चारों मैच जीते हैं।
   
बार्सिलोना के इस मेगास्टार ने ग्रुप चरण में तीन मैचों में चार गोल करके टीम को बचाया था और अंतिम 16 में स्विटजरलैंड पर अतिरिक्त समय में मिली 1-0 की जीत में वही एकमात्र खिलाड़ी दिख रहा था जो कोई अंतर लाने की क्षमता रखता हो।
    
डिएगो माराडोना ने टीम के प्रदर्शन की आलोचना की थी और कोच एलेजांद्रो साबेला को चेतावनी दी थी कि अगर वह टीम के इस शानदार खिलाड़ी पर से कुछ बोझ कम नहीं करते तो वह तबाही की ओर बढ़ रहे हैं।
    
विश्व कप में अर्जेंटीना की जिम्मेदारी उनके फैनटास्टिक फोर स्ट्राइकरों पर थी, लेकिन इनमें से मेस्सी ही एकमात्र हैं जो अभी तक उम्मीदों पर खरा उतर पाये हैं।
    
बेल्जियम के खिलाफ मैच में सर्गियो एगुएरो का मांसपेशियों में चोट के कारण खेलना संदिग्ध है, गोंजालो हिगुएन अब भी अपने पहले गोल का इंतजार कर रहे हैं और स्विटजरलैंड के खिलाफ विजयी गोल दागने वाले एंजेल डि मारिया ने खुशी दी और साथ ही निराश भी किया।
    
इन आरोपों का सामना कर रहे कि टीम अपने 10 नंबर के खिलाड़ी पर अत्यधिक निर्भर है, कोच साबेला ने कहा, अर्जेंटीना की टीम हमेशा ही मेस्सी पर निर्भर रही है।
    
बेल्जियम के खिलाफ भी कुछ अलग नहीं होगा और मेस्सी का काम दोगुना मुश्किल हो जायेगा क्योंकि विपक्षी टीम के एटलेटिको मैड्रिड के गोलकीपर थिबॉट कोर्टोरिस ने उन्हें लगातार सात मैचों में गोल से दूर रखा है। मेस्सी-कोर्टोरिस के बीच द्वंद्व मैच की कई रणनीतियों में से एक है।
    
वहीं दूसरी ओर जहां अर्जेंटीना की टीम अपने एक खिलाड़ी पर निर्भर है तो बेल्जियम ने सफलता अपने खिलाड़ियों की प्रतिभाशाली पीढ़ी की बदौलत हासिल की।
    
वर्ष 1986 की बेल्जियम टीम में तेज तर्रार एंजो सिफो शामिल थे तो मौजूदा टीम में एडेन हजार्ड इसी भूमिका में हैं लेकिन यह 23 वर्षीय अपने खेल से ब्राजील में पूरी तरह से आग नहीं लगा सका है। अल्जीरिया और रूस के खिलाफ ग्रुप चरण में मिली जीत में उन्होंने अहम भूमिका अदा की लेकिन चेल्सी का यह विंगर अभी तक गोल नहीं कर सका है।

हालांकि कोच मार्क विल्मोटस ने कहा कि बेल्जियम में कोई निर्भरता का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, जब प्रतिद्वंद्वी टीम उसे छोड़ देती है तो वह खतरनाक है लेकिन यही चीज ड्राइस मर्टेन्स और केविन डि ब्रुयने के साथ भी है।
    
एगुएरो के समय पर उबरने की उम्मीद कम है तो उनकी जगह अर्जेंटीना के आक्रमण में एजेकिल लावेज्जी के उतरने की उम्मीद है। मार्कोस रोजो के निलंबन का मतबल है कि जोस मारिया बसंता को उनकी जगह उतारा जायेगा लेकिन साबेला ने कहा, रोजो बहुत अच्छा खिलाड़ी है, लेकिन हमें बसंता पर भी पूरा भरोसा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मेस्सी पर निर्भर अर्जेंटीना के सामने अब बेल्जियम की चुनौती