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नर्सों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से गुहार

नर्सों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से गुहार

भारत में मौजूद इराक के तिकरित में फंसी केरल की नर्सों के परिजन तनाव में जीने को मजबूर हैं। वे हताश हैं कि चाह कर भी अपनी बच्चियों के लिए कुछ नहीं कर सकते हैं। नर्सों के परिजनों ने सरकार से उनकी जल्द सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई। हालांकि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उनके सुरक्षित होने का आश्वासन दिया है। गुरुवार को नर्सों को आईएसआईएस द्वारा किसी अन्य स्थान पर ले जाने की खबरें आने के बाद से उनके परिजन व्यथित हैं।

इनमें से एक नर्स के पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने गुरुवार को दोपहर उन्हें फोन किया और बताया कि उसे और अन्य नर्सों को विद्रोहियों के एक वाहन में चढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अपनी बेटी की सुरक्षा के खतरे का हवाला देते हुए पहचान उजागर करने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि यह सूचना देने के बाद उनकी बेटी ने फोन काट रही है क्योंकि उसे ले जाने वालों ने फोन बंद करने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे केवल इस बात की राहत है कि मेरी बेटी को ले जाने वालों ने कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें ले जाया जा रहा है।’ पिछले कुछ दिनों से नर्सों को सुरक्षित निकालने को लेकर चिंता बढ़ी है।

कुछ नर्सों ने केरल में अपने परिजनों को पूर्व में फोन कर बताया था कि उन्होंने जिस अस्पताल के बेसमेंट में शरण ले रखी है उसमें पिछले कुछ दिनों से बिजली नहीं आ रही है। इस वजह से उन्हें सोने को नहीं मिल पा रहा है। उनके पास उपलब्ध खाद्य पदार्थों की पिछले दो दिनों से भारी कमी थी। वे लोग ब्रेड के टुकड़ों पर किसी तरह गुजर कर रही थीं। हालांकि अब हालात कुछ बेहतर हैं। उनके अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त बमबारी हो रही है। पूर्व में कुछ नर्से इराक में रुकना चाहती थीं, मगर ताजा हालात को देखते हुए सभी अब वहां से लौटना चाहती हैं। नर्सों ने अपने परिजनों को बताया कि कुछ लड़ाकों ने उन्हें बमबारी के दौरान सुरक्षित रहने के टिप्स भी दिए।

सुषमा से मिले चांडी
नई दिल्ली।
केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने गुरुवार को कहा कि इराक में फंसी नर्से सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। इनमें ज्यादातर नर्से केरल से हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भेंट की और नर्सों के संकट के हल के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की। चांडी की सुषमा से करीब 40 मिनट तक मुलाकात हुई।

सुषमा ने उन्हें नसरे को वहां से सुरक्षित ढंग से निकालने के लिए सभी संभव मदद एवं प्रयास का आश्वासन दिया। सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक मुलाकात के बाद चांडी को स्वराज ने फिर बुलाया और नसरे की सुरक्षा के सिलसिले उन्हें नवीनतम सूचनाएं दीं। चांडी स्वयं नसरे के सपंर्क में बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार नसरे ने चांडी को बताया कि वे डर के साये में रह रही हैं क्योंकि हर मिनट स्थिति बिगड़ती जा रही है।

आतंकवादियों ने 32 तुर्की ट्रक चालक छोड़े

इराक के उत्तरी शहर मोसुल से पकड़े गए तुर्की के 32 ट्रक चालकों को आतंकवादियों ने रिहा कर दिया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि इस मामले में सकारात्मक प्रगति हुई है। ट्रक चालकों ने तुर्की मीडिया को फोन पर बताया कि उन्हें आईएसआईएस के आतंकी इराक के कुर्द क्षेत्र की ओर ले जा रहे हैं। उन्हें वहां अधिकारियों के हवाले कर दिया जाएगा।

बांग्लादेशी कर्मियों को इराकी फौजों ने पीटा
ढाका। इराक से बांग्लादेश लौटे कुछ कामकारों ने बताया कि वहां पर उन्हें बुरी तरह पीटा और अपमानित किया गया। गुरुवार को वापस लौटे कामगारों के दो साथियों ने बताया कि इराकी फौजों ने उनकी दाढ़ी काट दी और उन पर सुन्नी आतंकियों से हमदर्दी दिखाने का आरोप लगाया। इनमें से एक को शिया फौजियों ने निवस्त्र कर अपमानित किया। एक कामगार रकीबुल इस्लाम ने कहा कि इराकी शिया फौजें कामगारों के कैंप से उनके धार्मिक नेता को अगवा कर ले गईं।

बाइडेन की इराकी संसद के पूर्व स्पीकर से बात
बगदाद। इराकी संसद के पूर्व स्पीकर ओसामा अल नुजैफी से अमेरिका के उप राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बात की। दोनों नेताओं के बीच इराक के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। दोनों ही इस बात पर सहमत थे कि देश को एकजुट रखने वाली सरकार की जरूरत है। नुजैफी इराक के प्रमुख सुन्नी नेता हैं।

केरी का कुर्द नेता को फोन
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने इराक के कुर्द नेता मसूद बर्जानी से बात की और नई सरकार में कुर्द लोगों की भूमिका पर चर्चा की। कुर्द लोगों को सुन्नी चरमपंथियों के खिलाफ बड़ी ताकत माना जा रहा है।

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