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घायलों की जान बचाने के लिए गंभीर नहीं सरकार

धनबाद/विशेष संवाददाता। पीएमसीएच के पास ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए चार साल से 70 लाख रुपए पड़े हैं। अबतक स्थल चयन कर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। जब फंड आया था तब से लेकर अब तक अनुमानित लागत डेढ़ गुणी हो गई है। पिछले दिनों इंजीनियरिंग सेल के साथ पीएमसीएच पदाधिकारियों की बैठक में चर्चा के दौरान कहा गया कि मौजूदा रकम काफी नहीं है।

और रकम की मांग की जाएगी। यह राशि केंद्र से मिली है। ट्रॉमा सेंटर की उपयोगिता-ट्रॉमा सेंटर में कम से कम छह एक्सपर्ट की टीम एक साथ उपचार करती है- सड़क हादसों में मल्टीपल इंज्यूरी के कारण जाती है जान- अत्यधिक खून रिसाव ज्यादातर मामलों में मौत की वजह - ब्लड बैंक में हर ग्रुप का खून रहता है उपलब्ध- तुरंत सर्जरी की सभी सुविधाएं, आला दर्जे का आइसीयू हादसों में मौत का नहीं है डाटा बेससड़क हादसों या अन्य दुर्घटनाओं में मौत का डाटाबेस तैयार नहीं किया जा रहा है।

अस्पतालों में माहवारी मौत के आंकड़े दर्ज होते हैं लेकिन जिले में हादसों में मौत का डाटाबेस उपलबध नहीं है। जानकार बताते हैं कि डाटा बेस का वशि्लेषण कर हादसों को रोकने, कारण और उपायों में मदद मिल सकती है। देश के कई राज्यों में इस तरह के डाटाबेस तैयार किए जाते हैं। नेशनल हाइवे अथॉरिटी की ओर से भी इस तरह के डाटाबेस तैयार करने का प्रावधान है।

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