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एनएमसीएच दवा घोटाले की फाइल ठंडे बस्ते में!

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। जांच पूरी होने के बावजूद एनएमसीएच दवा घोटाले में नगिरानी ब्यूरो आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। तीन साल पहले ही नगिरानी के पास दवा घोटाले जांच की फाइल आई थी, लेकिन उसने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।

नगिरानी ब्यूरो एजी रिपोर्ट का बहाना बनाकर जांच फाइल अपने पास रखे हुए थी। अब जब एजी ने रिपोर्ट दे दी तो ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में 81 लाख 65 हजार के दवा घोटाले का मामला उजागर हुआ था। राज्य सरकार ने मामले को नगिरानी ब्यूरो के पास जांच के लिए भेजा था। ब्यूरो ने जांच की और एजी से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी। एजी ने नगिरानी ब्यूरो को रिपोर्ट भेज दी है।

इसके बाद ब्यूरो ने ड्रग इंस्पेक्टर से दवा का रेट मांगा, ताकि खरीदी गई दवा की दर का मिलान हो सके। ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी की जाएगी। एनएमसीएच दवा घोटाले की फाइल को देखने के बाद ही इस मामले में कुछ टिप्पणी करूंगा। लेकिन दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - सी. लालसोता, प्रधान सचवि, नगिरानी विभाग।

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