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सभी अंतर्राष्ट्रीय विमान होंगे अब पटना एयरपोर्ट की जद में

पटना। हेमंत श्रीवास्तव। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पटना की नजर भी 25 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भर रहे सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानों पर रहेगी। एयरपोर्ट पर थर्ड जेनरेशन का सर्विलांस आपरेट्स सिस्टम एडीएस बी-टू लगाया जा रहा है। इससे विमानों का ऑपरेशन आसान और सुरक्षित हो जाएगा। एक अन्य उपलब्धि यह भी है कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने कटिहार स्थित रडार सेंटर को पटना एयरपोर्ट को भी विमानों की सूचनाएं मुहैया कराने का आदेश दिया है।

नया सर्र्विलांस उपकरण एडीएस बी-टू लग जाने के बाद पटना एयरपोर्ट के अधिकारी यहां बैठे-बैठे ही पूरे देश में उड़ान भर रहे विमानों का लोकेशन जान सकेंगे। एडीएस हर विमान में लगा रहता है। जिसकी वजह से यह उपकरण विमानों का लोकेशन तत्काल कैच करता है। कुछ पुराने जहाज और हेलीकाप्टर जिनमें एडीएस आपरेटस नहीं हैं उनका लोकेशन पूर्ववत रडार के माध्यम से ही लिया जाएगा। डिबरूगढ़ एयरपोर्ट पर भी एडीएस-बीटू लग गया है। यह सिस्टम सुरक्षा कारणों से भी काफी अहम माना जा रहा है।

गया और रांची एयरपोर्ट पर भी इसे लगाने की तैयारी है। गौरतलब है कि पटना एयरपोर्ट के एटीसी को अभी महज 25 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर रहे विमानों का लोकेशन ही मिलता है। इससे ऊपर कौन से विमान गुजर रहे हैं इसकी कोई सूचना यहां नहीं होती। यह सूचना वाराणसी और कोलकाता एयरपोर्ट से लेनी पड़ती है। खास यह कि कटिहार में लगे उच्च क्षमता के रडार की सारी सूचनाएं भी अब तक सिर्फ कोलकाता एयरपोर्ट को ही मिलती रही हैं।

मौजूदा सिस्टम में विमानों के कैप्टन डाप्लर वेरी हाई फ्रिक्वेंशी ओमिनी रेंज (डीवीओआर) के माध्यम से पटना एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अपना लोकेशन देते रहे हैं। --एयरपोर्ट पर एडीएस-बी-टू उपकरण लगाने का काम चल रहा है। यह काम पूरा हो जाने पर सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानों का लोकेशन यहां मिलता रहेगा। पटना के साथ ही भुवनेश्वर और अगरतल्ला एयरपोर्ट को भी इस सुविधा से लैस किया जा रहा है। सोनो मरांडी, निदेशक पटना एयरपोर्ट।

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