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डेढ़ लाख स्वयं सहायता समूहों को मिलेगी आर्थिक मदद

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। सूबे के डेढ़ लाख स्वयं सहायता समूहों के 21 लाख से अधिक सदस्यों को आर्थिक मदद मिलेगी। उन्हें बैंकों के माध्यम से वित्त पोषण मिलेगा। दरअसल, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘जीविका’ कार्यक्रम का विस्तार सूबे में किया जा रहा है। सभी एसएचजी समूहों को बैंकों से क्रेडिट लिंकेज दिलाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है।

अब स्वयं सहायता समूह से जुड़े सभी सदस्यों को अपनी आवश्यकता के अनुसार बैंक लोन लेने की सुविधा मिलेगी। चालू माह से ही जिलों में ‘मेगा क्रेडिट कैम्प’ लगाने की शुरुआत हो जाएगी। पहले 23 जुलाई, फिर 23 अगस्त और 23 सितंबर को ऐसे कैम्प जिलों में लगाए जाएंगे। इन कैम्पों की देखरेख उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी। इसमें नाबार्ड के प्रतिनिधि, वरीय समाहर्ता (बैंकिंग), जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक आदि शामिल रहेंगे। वर्ष 2014-15 में तीन लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा।

बाद में इन्हें भी बैंकों से वित्त पोषण मिलेगा। जीविका की स्टेट अफसर अर्चना तिवारी के मुताबिक बैंक लिंकेज का लाभ 21 लाख से अधिक एसएचजी सदस्यों को मिलेगा। हर समूह का अलग-अलग सालाना न्यूनतम दो लाख से 25 करोड़ तक का कारोबार सालाना हो रहा है। उनके कामकाज के अनुरूप भी बैंक लोन की सुविधा मिलनी चाहिए।

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