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तीन दिनों की बारिश ने खेतीबारी में लायी तेजी

नवादा हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले में जुलाई का महीना खेतीबारी के लिहाज से ठीक बीत रहा है। भगवान इंद्र जिले के किसानों पर मेहरबान दिख रहे हैं। मानसून सक्रिय दिख रहा है। पिछले तीन दिनों से हर रोज कुछ न कुछ बारिश हो रही है। पूरे आसमान में बादल छाये हुए हैं।

पूरे जिले में रुक-रुक कर मध्यम अथवा तेज बारिश हो रही है। नवादा जिले में पिछले तीन दिनों में 60. 26 एमएम बारिश हो चुकी है। सबसे अधिक वर्षा गोविंदपुर प्रखंड में हुई है। यहां 167.0 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। बारिश होने से खेतीबारी के काम में तेजी आ गयी है।

खेत की मिट्टी गिली हो गयी है। किसान भाई खरीफ सीजन की खेतीबारी में जुट गये हैं। खरीफ सीजन में बीचड़ा लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। किसानों ने अपने खेत की जुताई शुरू कर दी है।

जिले में इस साल 80 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की जानी है। इसके लिए 8 हजार हेक्टेयर में धान का बीचड़ा(मोरी) लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके जवाब में अब तक जिले भर में 4280 हेक्टेयर में बीचड़ा लगा दिया गया है।

जो कुल लक्ष्य का 53 प्रतिशत है। मौसम की यही स्थिति यदि एक हफ्ते तक लगातार जारी रही तो बीचड़ा लगाने का लक्ष्य जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा। तीन-चार दिनों तक बारिश होते रहने के आसारकृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एस.के.मिश्रा की मानें तो अगले तीन -चार दिनों तक मानसून के इसी तरह सक्रिय रहने की उम्मीद है। जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद जतायी गयी है। उन्होंने कहा कि बारिश होने से फिलहाल खेतीबारी पर मिला- जुला असर पड़ेगा।

धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बारिश बहुत ही फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि वातावरण में नमी व आद्रता लौट आने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली है। कीचड़ करने के समय खेत में डाले वर्मी कम्पोस्ट, खाद व जिंकसेखोदेवरा कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एस.के.मिश्रा ने किसानों को खेतीबारी को लेकर कई तरह के महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि किसान खेत में कादो करने के समय खाद, वर्मी कम्पोस्ट, एनपीके की समुचित मात्रा जरूर डालें।

उन्होंने समुचित मात्रा में कादो में एनपीके डालने का भी सुझाव दिया। कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि कादो करते समय जिंक डालना भी जरूरी है। प्रति एकड़ 8 से 10 किलो जिंक डाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिंक फसलों की पत्तियों को पीला होने से बचाता है। नवादा के कई प्रखंडों में खेत की मिट्टी में जिंक की मात्रा औसत से कम पायी गयी है। रोपनी से पहले बीचड़े को करें बीजोपचारकृषि वैज्ञानिक ने किसानों से धान की रोपनी से पहले तैयार बीचड़े का सही बीजोपचार करना भी जरूरी बताया है।

बेबेस्टीन या काबेर्ंडाजीन दवा का 2 ग्राम घोल 1 लीटर पानी में तैयार कर लें। इसके बाद तैयार बीचड़ा के जड़ को घोल में डुबाकर रखें। करीब 2 घंटे तक इस घोल में डुबाकर रखने से बीजोपचार हो जायेगा। इस विधि से पौधों में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।

कृषि वैज्ञानिक ने बीचड़ा लगाने से पहले धान के बीज को भी सही तरीके से बीजोपचार करने पर बल दिया। मूंग, अरहर व मक्का के खेत में पानी नहीं लगने देंकृषि वैज्ञानिक ने अधिक बारिश होने से मूंग, अरहर व मक्का की खेती के लिए नुकसान होने की बात कही है।

एस.के.मिश्रा ने कहा कि यदि नियमित रूप से अधिक बारिश होती रही तो कई खेतों में पानी लग जायेगा। जहां कहीं भी मूंग की फसल तैयार है। वह टूटने लायक है यदि वहां पानी लग जायेगा तो फसल यानि मूंग के दाने काले पड़ जायेंगें। इसी तरह उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी अरहर और मक्का के बीच लगा दिये गये हैं। साथ ही इनके नवोदभिद् पौधे उगे हैं वे खेत में पानी लगने से नष्ट हो सकते हैं। ऐसे में उन्होंने किसान भाईयों से कहा है कि वे खेत में पानी नहीं लगे इस बात का ध्यान रखें।

लत्तड़ वाली सब्जी की फसलों को नुकसानसब्जी उत्पादक किसानों के लिए भी अधिक पानी हानि पहुंचा सकता है। जहां कहीं भी लत्तड़ वाली हरी सब्जी मसलन नेनुआ, बोड़ा, झिंगा, लौकी लगा हुआ है इनके पौधे अधिक पानी लगने के कारण गलकर नष्ट हो सकते हैं। इनकी पत्तियां भी पीली पड़ सकती है। ऐसे में सब्जी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। क्या कहते हैं अधिकारी- जिलाधिकारी ललन जी ने कहा कि नवादा में इन दिनों अच्छी बारिश हो रही है।

इससे किसानों को काफी फायदा होगा। उन्होंने वर्षा जल को संचय करने पर जोर देते हुए कहा कि नवादा जैसे सूखा प्रभावित जिले के लिए यह करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत नये तालाब खोदवाने, आहर-पइन की समुचित साफ-सफाई कराने के साथ ही इनका जीर्णोधार करवाने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया है। ताकि वर्षा जल से संचय किया हुआ पानी खरीफ फसलों के काम आ सके। नवादा जिले में प्रखंडवार बारिश की स्थितिप्रखंड बारिश, एमएमए मेंअकबरपुर 72.6गोविंदपुर 128.0हिसुआ 38.2काशीचक 8.0कौआकोल 9.0मेसकौर 60.2नारदीगंज 41.0नरहट 42.2नवादा 15.0पकरीबरावां 54.6रजौली 74.2रोह 15.4सिरदला 18.0वारिसलीगंज 68.0।

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