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बीएयू वीसी को जांच कर निर्णय लेने का निर्देश

झारखंड हाइकोर्ट ने बिरसा कृषि विवि के कुलपति को प्रमाणपत्र की जांच कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है। आशा कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आरआर प्रसाद की कोर्ट ने यह निर्देश दिया।ड्ढr बीएयू के निदेशक (प्रशासन) द्वारा प्रार्थी को जारी किये गये कारण बताओ नोटिस के खिलाफ प्रार्थी ने याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि सरना समिति एवं संगठनों ने उनके जाति प्रमाणपत्र को अवैध बताते हुए इसकी जांच करने की मांग की है।ड्ढr इस शिकायत पर निदेशक ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों नहीं उनकी नियुक्ित समाप्त कर दी जाये।ड्ढr शिकायत में कहा गया है कि प्रार्थी बिहार की रहने वाली है और बीसी-1 श्रेणी की है। रांची एसडीओ से उन्होंने वर्ष 1में शैक्षणिक कार्य के लिए जाति प्रमाणपत्र बनाया है। इसी प्रमाणपत्र के माध्यम से उन्होंने बीएयू में जूनियर साइंटिस्ट के पद पर नौकरी पायी है। बिहार के पिछड़ी जाति के लोगों को झारखंड में नौकरी नहीं मिल सकती।ड्ढr प्रार्थी का कहना था कि पूर्व में हाइकोर्ट ने आदेश दिया है कि ऐसे मामलों की जांच सिर्फ कुलपति ही कर सकते हैं। इस कारण निदेशक द्वारा दिया गया नोटिस उचित नहीं है। प्रार्थी की ओर से वकील श्रीकृष्ण पांडेय व बीएयू की ओर से सीनियर वकील ए अल्लाम ने बहस की।

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